तमिलनाडु-केरल में भारी वर्षा की चेतावनी, उत्तर भारत में ठंड का कहर रहेगा जारी
देश के मौसम की तस्वीर इस समय दो बिल्कुल अलग लेकिन समान रूप से चुनौतीपूर्ण रूपों में सामने आ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय गहरे अवदाब के कारण अगले कुछ दिनों में तेज़ से बहुत तेज़ बारिश की आशंका है, जबकि उत्तर भारत के बड़े हिस्से में घना कोहरा, शीत दिवस और शीतलहर जनजीवन को लगातार प्रभावित कर रही है।
IMD के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर बना गहरा अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 9 और 10 जनवरी को तमिलनाडु के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं 10 और 11 जनवरी को केरल और माहे में भी तेज़ बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति भी बेहद खराब रहने की संभावना है। IMD ने दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी और तमिलनाडु–पुडुचेरी तटों के आसपास तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की चेतावनी जारी की है। 9 से 11 जनवरी के बीच मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख़्त सलाह दी गई है, क्योंकि जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
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दक्षिण में बारिश के बीच उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे की पकड़ ढीली पड़ने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और बिहार के कई हिस्सों में अगले पाँच से सात दिनों तक सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा बना रह सकता है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में शीत दिवस की स्थिति बनी रह सकती है, जहां दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है।
पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली–एनसीआर, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, आगरा, पटियाला और जयपुर जैसे शहरों में दृश्यता 50 मीटर से भी नीचे चली गई, जबकि कुछ स्थानों पर यह शून्य तक पहुंच गई। घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ा है और सुबह-शाम की आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
IMD ने बताया है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड और पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर पाला (ग्राउंड फ्रॉस्ट) पड़ने के संकेत भी मिले हैं, जिससे फसलों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। लगातार ठंड के कारण स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है, खासकर बुज़ुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों पर।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में शीतलहर और पाले से रबी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जबकि दक्षिण भारत में भारी बारिश से खेतों में जलभराव और फसल कटाई प्रभावित हो सकती है। किसानों को स्थानीय मौसम सलाह के अनुसार सिंचाई, जल निकासी और फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने की जरूरत है। आम लोगों को भी ठंड और बारिश दोनों परिस्थितियों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, IMD का यह पूर्वानुमान बताता है कि आने वाले कुछ दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के लिहाज़ से कठिन रहने वाले हैं। दक्षिण भारत में भारी बारिश और खराब समुद्री हालात जहां चिंता का कारण हैं, वहीं उत्तर भारत में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड जनजीवन को प्रभावित कर रही है। ऐसे में मौसम अपडेट पर लगातार नज़र रखना और आवश्यक सावधानियां बरतना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
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