Uttar Pradesh में गो-आश्रय स्थलों निगरानी हुई हाईटेक, न्यूनतम 5 सीसीटीवी कैमरों की होगी व्यवस्था
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर के 5446 गो-आश्रय स्थलों को हाईटेक निगरानी में ले लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इन स्थलों पर कुल 7592 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे गोवंश की सुरक्षा और देखभाल को और बेहतर बनाया जा सके। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए उठाया गया है। अब इन गो-आश्रय स्थलों की 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी।
गोवंश की सुरक्षा को तकनीक का सहारा
उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण को तकनीक से जोड़ते हुए एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया गया है। प्रदेश भर के जनपदों में संचालित 5446 गो-आश्रय स्थलों को सीसीटीवी निगरानी से जोड़ दिया गया है, जहाँ अब तक कुल 7592 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। यह पहल न केवल पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि गोवंश की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने का भी मजबूत माध्यम बन रही है।
24 घंटे निगरानी, पशुओं के स्वास्थ्य पर पैनी नजर
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि अब इन आश्रय स्थलों की 24×7 निगरानी संभव हो गई है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है। यह व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी गोवंश को समय पर चारा, साफ पानी और जरूरी इलाज मिले।
जनता का विश्वास बढ़ा रही डिजिटल निगरानी
अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, यह डिजिटल निगरानी प्रणाली प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ-साथ आम जनता के विश्वास को भी सुदृढ़ कर रही है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 56 जनपदों में कमांड एवं कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से इन कैमरों की मॉनिटरिंग की जा रही है, जबकि बाकी 19 जनपदों में सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के माध्यम से जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इससे पूरे प्रदेश में एकीकृत और सुदृढ़ निगरानी तंत्र विकसित होगा।
नियमित जाँच और सुधार के निर्देश
मुकेश मेश्राम के मुताबिक, योगी सरकार ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी खराबी की स्थिति में तत्काल सुधार कराया जाए। साथ ही अधिकारियों को समय-समय पर स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। हर गो-आश्रय स्थल पर न्यूनतम 5 सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है।