India-America Trade Deal : कृषि-डेयरी उत्पादों को छूट नहीं, भारत के छोटे उद्योगों को बड़ा बाजार

Gaon Connection | Feb 08, 2026, 15:08 IST
Image credit : Gaon Connection Network

भारत और अमेरिका अंतरिम समझौते पर सहमत होते हुए मसौदा जारी किया। समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों से आयात शुल्क 50 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। आइए जानते हैं इस डील में किस देश के लिए क्या है?

<p>भारत और अमेरिका ट्रेड डील का मसौदा जारी। </p>

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (Trade Deal) का मसौदा सरकार ने जारी कर दिया है। उम्मीद है कि मार्च में दोनों देश इस डील पर हस्ताक्षर कर देंगे। इस समझौते में किस देश के लिए क्या है, आइए समझते हैं।



कृषि व डेयरी उत्पादों पर कोई छूट नहीं

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट कर साफ कहा कि भारत ने अपने संवेदनशील कृषि उत्पादों पर अमेरिका को कोई छूट नहीं दी है। साफ है कि मक्का, गेहूं, चावल, दूध, पनीर, पोल्ट्री (मुर्गी पालन), और कुछ सब्जियों के बाजार में अमेरिकी उत्पाद नहीं आएंगे। इन पर टैक्स कम नहीं होगा ताकि भारतीय किसानों को नुकसान न हो।



अमेरिकी फल, मेवे और शराब हो सकती है सस्ती

भारत ने अमेरिका से आने वाले कुछ उत्पादों पर टैक्स घटाने या खत्म करने की बात मान ली है। पशुओं का चारा (लाल ज्वार), ट्री नट्स (जैसे बादाम-अखरोट), ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, और विदेशी शराब (वाइन और स्पिरिट्स) शामिल हैं।



कपड़े और जूते पर 18% टैक्स, MSME को बड़ा बाजार

अमेरिका भारत से जाने वाले कपड़े (टेक्सटाइल), चमड़े के उत्पाद, जूते-चप्पल, प्लास्टिक-रबर का सामान, घर की सजावट का सामान और कुछ मशीनों पर 18% आयात शुल्क लगाएगा।



वहीं, भारत ने अमेरिका से आने वाले सभी औद्योगिक सामान से टैक्स हटाने या कम करने का फैसला किया है। सरकार का तर्क है कि इससे भारत के छोटे और मंझोले उद्योगों (MSME) को अमेरिका के 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार में पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।



जेनरिक दवाओं पर नहीं लगेगा टैक्स

समझौते के बाद भारतीय जेनरिक दवाइयों पर लगने वाला टैक्स हटा लिया जाएगा। भारत ने अमेरिकी मेडिकल उपकरणों के व्यापार में आ रही रुकावटों को दूर करने का वादा किया है, जिससे आधुनिक चिकित्सा उपकरण आसानी से भारत आ सकेंगे। भारत की स्वास्थ्य सेवाएं हाइटेक और आम आदमी तक पहुंचेंगी।



पांच साल में 500 अरब डॉलर की बड़ी खरीद करेगा भारत

अगले पांच साल में अपनी जरूरतों को ध्यान में रखकर भारत अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर मूल्य का सामान खरीदेगा। इसमें ऊर्जा उत्पाद (Energy Products), विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, कोकिंग कोल और हाई-टेक उत्पाद शामिल हैं। दोनों देश डेटा सेंटर और जीपीयू जैसी तकनीकों में भी सहयोग बढ़ाएंगे।



हवाई जहाज और गाड़ियों के पुर्जे

ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत को अमेरिकी नियमों (सेक्शन 232) के तहत गाड़ियों के पुर्जों के निर्यात के लिए एक निश्चित कोटा मिलेगा। वहीं, अमेरिका भारतीय विमानों के पुर्जों पर से टैक्स हटाएगा। बदले में भारत भी अमेरिका से विमान और उनके कलपुर्जों की खरीद बढ़ाएगा।



ऐसे नियम कि लाभ दोनों देशों को मिले

संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत ऐसे निर्माण नियम बनाएंगे जो यह सुनिश्चित करेंगे कि समझौते का लाभ मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत को ही प्राप्त हो।

Tags:
  • India-America Trade deal
  • India-Us trade deal
  • trade deal
  • trump
  • tariff
  • MSME sector in India