किसानों की शिकायत पर शिवराज सिंह चौहान ने लिया बड़ा एक्शन, घटिया बीज बेचने वाली कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज
मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिलों में घटिया बीजों के कारण करेले की फसल खराब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों की शिकायत के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच कराई और अब हैदराबाद की एक बीज कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है। इस कार्रवाई से प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
किसानों ने मंत्री से मिलकर बताई परेशानी
प्रभावित किसान दिल्ली पहुंचकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले और बताया कि नवंबर 2025 में खरीदे गए बीज और पौधों से फसल ठीक से विकसित नहीं हुई। किसानों के अनुसार, करेले के फल सिकुड़ गए, पीले पड़ गए और समय से पहले झड़ने लगे, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई और किसानों को मुआवजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जांच में सामने आई गड़बड़ी, कंपनी पर FIR
शिकायत के बाद कृषि विभाग और वैज्ञानिकों की टीम ने जांच की, जिसमें प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि किसानों को अमानक बीज और उनसे तैयार रोपे प्रमाणित बताकर बेचे गए थे। इसके आधार पर धार जिले के मनावर थाने में एफआईआर क्रमांक 266 दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराएं 3 और 7, तथा बीज अधिनियम 1966 की धारा 19 के तहत दर्ज किया गया है। इस मामले में हैदराबाद की नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है।
बीज पर प्रतिबंध और सख्त कार्रवाई के निर्देश
जांच के बाद कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘रुबासाटा’ किस्म के करेला बीज पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मामला सिर्फ फसल नुकसान का नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे, मेहनत और पूंजी से जुड़ा है। सरकार ने साफ किया है कि किसानों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।