अंतरराष्ट्रीय वन दिवस: यूपी में बढ़ा Forest Cover, 9 वर्षों में लगे 242 करोड़ पौधे, मुख्यमंत्री ने दिया पौधे लगाने का संदेश

Gaon Connection | Mar 21, 2026, 17:28 IST
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लखनऊ में राष्ट्रीय वानिकी संवाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकृति को माँ मानते हुए उसके संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए गए, जिससे वन क्षेत्र बढ़ा है। रामसर साइटों की संख्या एक से बढ़कर 11 हो गई है। साथ ही इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सीएम ने दिया पेड़ लगाने और बचाने का संदेश

21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर लखनऊ में राष्ट्रीय वानिकी संवाद का आयोजन किया गया। जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया। इस आयोजन में वन क्षेत्र बढ़ाने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने और रामसर साईटों को बढ़ाने को लेकर बात कही गई।



लखनऊ में आयोजित इस राष्ट्रीय वानिकी संवाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकृति को 'माँ' मानते हुए उसके संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही वनों का विकास संभव है। उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाए गए, जिससे वन क्षेत्र बढ़ा है। रामसर साइटों की संख्या भी 2017 में एक से बढ़कर 2026 में 11 हो गई है और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।



'वन क्षेत्रों की करनी होगी रक्षा'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे में वनों का महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने भारतीय वैदिक परंपरा के बारे मे बात करते हुए कहा कि हमारे ऋषियों ने हजारों साल पहले ही सिखाया था कि धरती हमारी माता है और हमें उसकी रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, अपनी 'माँ' यानी धरती की रक्षा करे और उसके साथ खिलवाड़ न करे।



इस वर्ष की थीम 'फॉरेस्ट एंड इकोनॉमिक्स' पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि 10 कुओं के बराबर एक बावड़ी, 10 बावड़ियों के बराबर एक तालाब, 10 तालाबों के बराबर एक पुत्र और 10 पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है। साथ ही उन्होंने बताया कि वन, जीवन का आधार होते हैं जो प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हैं। यदि वन हैं तो जल है, जल है तो वन, वन है तो वायु और वायु है तो जीवन है।



राज्या में बढ़ा Forest Cover

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में वनाच्छादन (Forest Cover) बढ़ाने में बड़ी सफलता मिली है। यह सफलता तब मिली जब इस अभियान को एक जन आंदोलन बनाया गया। उन्होंने कहा कि जब कोई अभियान जन आंदोलन बनता है, तो समाज उसका नेतृत्व करता है और सरकार व विभाग पीछे रहते हैं, तभी सफलता मिलती है। इसके विपरीत, जब सरकार और विभाग आगे होते हैं और जनता पीछे, तो परिणाम नहीं मिलते।



वन महोत्सव के अवसर पर लगे 37 करोड़ पौधे

उन्होंने बताया कि वन महोत्सव के अवसर पर पहले जहाँ 5.5 करोड़ पौधे लगाए जाते थे, वहीं पिछले साल एक ही दिन में 37 करोड़ पौधे लगाए गए। इस वर्ष 35 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है, जो बढ़कर 40-45 करोड़ तक पहुँच सकता है। पिछले नौ वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, जिससे प्रदेश का वनाच्छादन लगभग 10% तक पहुँच गया है। सीएम का लक्ष्य इसे 16-17% तक ले जाना है।



रामसर साईटों की संख्या बढ़ेगी

रामसर साइटों की संख्या में वृद्धि पर सीएम ने कहा कि 2017 में केवल एक रामसर साइट थी, जो अब बढ़कर 11 हो गई है। उनका लक्ष्य इसे 100 तक ले जाना है। रामसर साइटें पर्यटन, वन्यजीवों और पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, साथ ही जल संरक्षण में भी इनकी भूमिका होती है। उन्होंने यह भी बताया कि रामसर साइट घोषित होने पर वे स्थान भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त रहते हैं और वहां संरक्षण कार्यक्रम आसानी से चलाए जा सकते हैं।



इको-टूरिज्म को मिलेगी बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने दुधवा नेशनल पार्क में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने कार्बन फाइनेंस प्रोजेक्ट के तहत किसानों को कार्बन क्रेडिट के लिए धनराशि वितरित की है। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को आपदा की श्रेणी में रखा गया है। सीएम ने यह भी कहा कि बाघ तभी हमला करता है जब हम उसके आवास और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने अपने बचपन का उदाहरण देते हुए कहा कि जंगल के पास रहने के बावजूद उन्होंने कभी बाघों से नुकसान नहीं उठाया, क्योंकि वे उन्हें कभी छेड़ते नहीं थे।

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