UP Honey: 1 लाख ग्रामीण महिलाओं के लिए मधुमक्खी पालन कार्यक्रम, आप भी जुड़ें
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू किया गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन के साथ फसलों की पैदावार भी बढ़ाएंगी। अगले तीन सालों में एक लाख महिलाओं को प्रशिक्षित कर उद्यमी बनाया जाएगा, जिससे उनकी सालाना आय एक लाख रुपये तक बढ़ सकेगी।
राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन यानी एनबीएचएम एक केंद्र प्रायोजित योजना है।इसे भारत सरकार ने देश में मधुमक्खी पालन को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा देकर गुणवत्ता परक शहद और मधुमक्खी उत्पादन के अन्य उत्पादों को प्रोत्साहित करना था। राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड द्वारा संचालित यह योजना आत्मनिर्भर भारत के बैनर पर 500 करोड़ की लागत पर चलाई जा रही है। वर्ष 2020-21 से शुरू इस योजना को पहले तीन साल के लिए लाया गया पर पूरा बजट नहीं खर्चने की वजह से इसकी मियाद तीन साल और बढ़ा दी गयी।
UPSRLM के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बड़ी पहल कर रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस योजना से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं न केवल शहद का उत्पादन करेंगी, बल्कि परागण (pollination) के ज़रिए फसलों की पैदावार बढ़ाकर किसानों की आय भी बढ़ाएंगी। अगले तीन सालों में एक लाख ग्रामीण महिलाओं को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देकर उद्यमी बनाया जाएगा, जिससे उनकी सालाना आय एक लाख रुपये तक बढ़ सके।
ग्रामीण महिलाएँ बनेगी सशक्त
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाज़ार से जुड़ने में मदद करके उन्हें आर्थिक रूप से मज़बूत किया जाएगा। मधुमक्खियां फसलों के लिए बहुत ज़रूरी हैं। वे गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और बागवानी फसलों के परागण में मदद करती हैं। इससे इन फसलों की पैदावार में काफी बढ़ोतरी होगी, जिसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। इस तरह, यह योजना महिलाओं और किसानों, दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
जानिए इसके प्रशिक्षण केंद्र
महराजगंज जैसे जिलों में स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण और उपकरण दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न केंद्रों (जैसे सहारनपुर, बस्ती, प्रयागराज) में 90 दिनों का निशुल्क प्रशिक्षण और 40% सब्सिडी पर मधुमक्खी बक्से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
'मिशन विलेज' बनेगा अंतरराष्ट्रीय ब्रांड
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रारंभ किए गए 'मिशन विलेज' के अंतर्गत, राज्य के शहद को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ब्रांड बनाने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल के तहत, स्थानीय महिलाएं अपने स्वयं के शहद ब्रांड को विकसित करने में सक्षम होंगी। इससे न केवल उत्तर प्रदेश का शहद देश के भीतर बल्कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी विशेष पहचान स्थापित करेगा। उच्च गुणवत्ता और भरोसे के साथ, उत्तर प्रदेश का शहद नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर होगा।
एक लाख ग्रामीण महिलाओं के जीवन में होगा बदलाव
इस विशेष योजना में महिलाओं को केवल उत्पादन के चरण तक ही सीमित नहीं रखा जाने वाला है। बल्कि, उन्हें शहद की पैकेजिंग और ब्रांडिंग के कार्यों से भी जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने के सपने को भी साकार किया जा सकेगा। इस प्रकार, मधुमक्खी पालन योजना के जरिए उत्तर प्रदेश की लगभग एक लाख ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक समृद्धि आएगी। इससे खेती-किसानी को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी और प्रदेश का शहद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाएगा।