LPG Tax: होटल-रेस्तरां में अब नहीं लगेगा LPG शुल्क, नई एडवाइजरी जारी, जानें क्या है नियम?
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने होटलों और रेस्तरांओं में ग्राहकों से 'एलपीजी शुल्क', 'गैस सरचार्ज' या 'ईंधन लागत वसूली' जैसे अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर सख्त रोक लगा दी है। सीसीपीए ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत एक अनुचित व्यापार व्यवहार करार दिया है। यह नई एडवाइजरी 25 मार्च 2026 को जारी की गई है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिलिंग और अनुचित लागतों से बचाना है।
अनुचित व्यापार व्यवहार पर लगाम
सीसीपीए ने पाया है कि कुछ होटल और रेस्तरां सेवा शुल्क पर मौजूदा दिशानिर्देशों से बचने के लिए मेनू में बताई गई कीमत और टैक्स के ऊपर ये अतिरिक्त शुल्क जोड़ रहे थे। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 10 के तहत जारी की गई इस एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे किसी भी शुल्क को डिफ़ॉल्ट रूप से नहीं वसूला जाएगा। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि इस नियम का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता की कमी और उपभोक्ताओं पर बोझ
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर मिली शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सीसीपीए ने यह कदम उठाया है। यह देखा गया कि इन अतिरिक्त शुल्कों के कारण उपभोक्ताओं को मेनू में बताई गई कीमत से ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा था, जिससे पारदर्शिता की कमी हो रही थी और उन पर अनुचित आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
ईंधन लागत को मेनू कीमत में शामिल करने का निर्देश
सीसीपीए ने साफ किया है कि 'एलपीजी शुल्क' या इसी तरह के अन्य शुल्क, चाहे उनका नाम कुछ भी हो, व्यवसाय चलाने की लागत का हिस्सा हैं। इसमें ईंधन, एलपीजी, बिजली और अन्य परिचालन व्यय शामिल हैं। इन लागतों को मेनू आइटम की कीमतों में ही शामिल किया जाना चाहिए। इन्हें अलग से अनिवार्य शुल्क के रूप में वसूलना अधिनियम की धारा 2(47) के तहत एक अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाता है।
एडवाइजरी के मुख्य बिंदु
इस एडवाइजरी के अनुसार, कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में 'एलपीजी शुल्क', 'गैस शुल्क' या इसी तरह के शुल्क डिफ़ॉल्ट रूप से या स्वचालित रूप से नहीं वसूल सकता। मेनू में बताई गई कीमत ही अंतिम कीमत होगी, जिसमें केवल लागू टैक्स अलग से जोड़े जा सकते हैं। उपभोक्ताओं को किसी भी ऐसे अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा जो स्वैच्छिक न हो।
सेवा शुल्क दिशानिर्देशों का उल्लंघन
यह परामर्श इस बात पर भी जोर देता है कि ऐसे किसी भी शुल्क को, चाहे उसका नाम कुछ भी हो, सेवा शुल्क या अतिरिक्त शुल्क की प्रकृति का माना जाएगा। इन्हें डिफ़ॉल्ट रूप से वसूलना 04.07.2022 के सीसीपीए दिशानिर्देशों का उल्लंघन होगा, जिसके तहत उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
उपभोक्ता शिकायत निवारण
यदि कोई उपभोक्ता ऐसी प्रथाओं का सामना करता है, तो वे होटल या रेस्तरां से बिल से शुल्क हटाने का अनुरोध कर सकते हैं। इसके अलावा, वे 1915 पर कॉल करके या एनसीएच मोबाइल ऐप के माध्यम से राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ई-जाग्रति पोर्टल के माध्यम से संबंधित उपभोक्ता आयोग के समक्ष भी शिकायत की जा सकती है। उपभोक्ता अपनी शिकायतें जिला कलेक्टर या सीधे सीसीपीए को भी सौंप सकते हैं।
सीसीपीए की कड़ी निगरानी
सीसीपीए देश भर में ऐसी प्रथाओं की बारीकी से निगरानी कर रहा है। होटलों और रेस्तरांओं द्वारा अनुचित या अनधिकृत शुल्क लगाने सहित किसी भी उल्लंघन से उचित तरीके से निपटा जाएगा। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए अधिनियम के प्रावधानों के तहत सीसीपीए आवश्यक कार्रवाई करेगा।