Krishi Mela: कृषि महोत्सव में बड़े ऐलान, हर राज्य का बनेगा कृषि रोडमैप, एमपी में खुलेंगी 55 दाल मिलें
मध्य प्रदेश के रायसेन स्थित दशहरा मैदान में शनिवार से शुरू हुए तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव, प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आगाज हुआ, जहाँ देशभर की कृषि नीतियों और जमीनी बदलाव की झलक एक साथ देखने को मिली। इस मौके पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh, मुख्यमंत्री Mohan Yadav और केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मंच साझा करते हुए खेती को आधुनिक, लाभकारी और क्लाइमेट-रेजिलिएंट बनाने के लिए कई बड़े ऐलान किए।
देशभर में हर राज्य के लिए अलग कृषि रोडमैप तैयार करने से लेकर मशीनीकरण, दाल मिलों और तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने जैसे फैसलों को इसी महोत्सव के जरिए जमीन से जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कृषि महोत्सव के मंच से केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कई अहम घोषणाएं कीं, जिनका सीधा फायदा किसानों को मिलने वाला है।
हर राज्य के लिए अलग कृषि रोडमैप
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर हर राज्य का अलग-अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है, क्योंकि हर क्षेत्र की जलवायु और खेती की परिस्थितियां अलग होती हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के लिए भी एक समग्र योजना बनाई जा रही है।
रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिलों के लिए वैज्ञानिकों की टीम ने खास कृषि रोडमैप तैयार किया है, जिसमें यह तय किया गया है कि किस क्षेत्र में कौन-सी फसल, कौन-सी बीज किस्म और किस तरह की बागवानी सबसे बेहतर रहेगी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए स्पष्ट दिशा देना है।
रोडमैप को जमीन पर उतारने का भरोसा
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस योजना को लागू करेंगी। मंत्री ने कहा कि यह सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि किसानों की जिंदगी बदलने की ठोस कोशिश है। मध्य प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में इसे तेजी से जमीन पर उतारेगी।
एमपी बनेगा हॉर्टिकल्चर हब, 55 दाल मिलें खुलेंगी
सरकार ने मध्य प्रदेश को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत किसानों को फल-सब्जी की खेती और फूड प्रोसेसिंग से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर दाम मिल सके।
इसके साथ ही राज्य में 55 नई दाल मिलें खोलने का फैसला लिया गया है, जिससे चना, मसूर, उड़द और तुअर जैसी फसलों को मजबूत बाजार मिलेगा। सरकार ने यह भी साफ किया कि किसान जितनी दलहन फसल पैदा करेंगे, उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाएगा।
eFARM ऐप से बदलेगी खेती की तस्वीर
मंत्री ने नए मृदा/eFARM मोबाइल ऐप का जिक्र करते हुए कहा कि अब किसान अपने मोबाइल से ही खेत की मिट्टी की जानकारी ले सकेंगे। इससे उन्हें पता चलेगा कि किस पोषक तत्व की कमी है और कितनी खाद डालनी है। इससे अनावश्यक खर्च कम होगा और उत्पादन बढ़ेगा।
किसानों से सीखने और अपनाने की अपील
मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे कृषि महोत्सव के सभी सत्रों में भाग लें और नई तकनीकों को अपनाएं। उनका कहना है कि कम जमीन में ज्यादा आय हासिल करने के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक खेती जरूरी है।
सरकार की बदली कार्यशैली पर जोर
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि अब सरकार की कार्यशैली बदल चुकी है और सभी विभाग मिलकर मिशन मोड में काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में समन्वित विकास की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
कृषि महोत्सव में किए गए ये ऐलान साफ संकेत देते हैं कि सरकार खेती को क्लाइमेट-रेजिलिएंट, आधुनिक और ज्यादा मुनाफे वाली बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। आने वाले समय में इसका सीधा फायदा किसानों की आय और उत्पादन दोनों पर देखने को मिल सकता है।