Weather Alert: 17-21 मार्च तक आँधी-तूफान, ओलावृष्टि का अलर्ट, जानें कहाँ पड़ेगा असर

Gaon Connection | Mar 18, 2026, 13:23 IST
Image credit : Gaon Connection Creatives
जलवायु का मिज़ाज देश के कई हिस्सों में बदलने वाला है। 17 से 21 मार्च के बीच की अवधि में तेज़ आंधी, बिजली, और ओलावृष्टि की आशंका है। खासकर हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, और अन्य राज्यों में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। ऐसे में किसान अपनी फसलों, पशुओं के लिए जरूरी बचाव क्या कर सकते हैं, इसकी जानकारी मौसम विभाग की तरफ से जारी की गई है, पढ़िए। ताकि इस बिगड़ते मौैसम से बचाव की तैयारी समय रहते कर सकें।
17-21 मार्च तक आँधी-तूफान, मौसम विभाग की जानकारी

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। अगले कुछ दिनों में, खासकर 17 से 21 मार्च के बीच, कई राज्यों में तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा जैसे राज्यों में इसका असर दिख सकता है। इन मौसमी घटनाओं से फसलों, पेड़ों, बिजली लाइनों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुँच सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सतर्क रहें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और यात्रा करने से बचें।



मौसम का अलर्ट: कहाँ और कब होगी बारिश और आंधी?

मौसम विभाग के अनुसार, 17 मार्च को असम और मेघालय में, 18 मार्च को हिमाचल प्रदेश और विदर्भ में, 18 और 19 मार्च को छत्तीसगढ़ में, 19 और 20 मार्च को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में, और 20 और 21 मार्च को पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में ओलावृष्टि की संभावना है।



तेज हवाओं का अलर्ट कहाँ?

कई राज्यों में तेज हवाएं चलने का अलर्ट है जैसे- 19 और 20 मार्च को उत्तराखंड में, 20 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में और 20-21 मार्च को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है, जिनके झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकते हैं।



संभावित नुकसान और बचाव के उपाय

इन मौसमी घटनाओं से पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं और सूखी टहनियां गिर सकती हैं। खड़ी फसलों, खासकर केले और पपीते के पेड़ों को नुकसान हो सकता है। बिजली और संचार लाइनों को भी क्षति पहुँच सकती है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका है। खुले में ओलों से लोगों और मवेशियों को चोट लग सकती है। कमजोर ढांचे और कच्चे मकानों को भी मामूली नुकसान हो सकता है। उड़ने वाली ढीली वस्तुओं से भी खतरा हो सकता है।



लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ। घर के अंदर रहें, खिड़कियाँ और दरवाजे बंद रखें और यात्रा करने से बचें। सुरक्षित आश्रय लें और पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट के फर्श पर लेटने या कंक्रीट की दीवारों से सटकर खड़े होने से बचें। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें और तुरंत पानी से बाहर निकल जाएं। बिजली का संचालन करने वाली किसी भी वस्तु से दूर रहें।



किसानों के लिए खास सलाह

किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने कुछ खास सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश, असम और मेघालय में फलों और सब्जियों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए हेज नेट या हेज रैप का उपयोग करने की सलाह दी गई है।



बारिश के मौसम में फसलों की सुरक्षा

अरुणाचल प्रदेश- में गोभी, मटर, सरसों और देर से पकने वाले धान की किस्मों की कटाई और खुदाई स्थगित करने को कहा गया है। कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और खड़ी फसलों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। शिमला और अन्य सब्जियों की नर्सरी को बारिश से बचाने के लिए पॉलीहाउस या शेल्टर में तैयार करें। खुली नर्सरी को पॉलीथीन शीट या बोरी से ढक दें।



असम- में खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई है। मेघालय में ग्रीष्मकालीन सब्जियों की फसलों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। बागवानी फसलों को सहारा दें और छोटे पौधों को भारी बारिश से बचाएं। मटर की तोड़ी गई फलियों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर रखें।



जम्मू और कश्मीर- में खड़ी फसलों में जल जमाव से बचने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करें। हिमाचल प्रदेश में पकी हुई सब्जियों की कटाई जल्द से जल्द करने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड में पकी हुई सरसों और मटर की कटाई जल्द से जल्द करें और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें।



उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल- में खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें। कद्दूवर्गीय पौधों और मक्के की नर्सरी को पॉलीथीन शीट या एग्रो-नेट से ढक दें ताकि पौधों को खराब मौसम से बचाया जा सके।



तेज हवाओं से फसलों को बचाएं

बागवानी फसलों, सब्जियों और फलों के नए पौधों को तेज हवाओं से गिरने से बचाने के लिए सहारा दें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या खेतों में ही तिरपाल से ढक दें। कटी हुई फसलों को ठीक से बांधकर ढक दें ताकि तेज हवाओं से उनके खिसकने का खतरा कम हो सके।



पशुपालन और कुक्कुट पालन के लिए सुझाव

भारी बारिश या ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार दें। चारे और पशु आहार को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें। पशुओं को स्वच्छ, साफ-सुथरा और पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी उपलब्ध कराएं और छाया का इंतजाम करें।



21 मार्च तक का मौसम अपडेट

21 मार्च तक, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में बारिश की संभावना बनी रहेगी। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अन्य राज्यों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय स्तर पर हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

Tags:
  • Weather Alert
  • मौसम अलर्ट
  • Storms and Hailstorms
  • आंधी तूफान
  • March Weather Forecast
  • Hailstorm Risk from March 17-21
  • weekly weather update
  • imd weather update