28-29 March Weather Update: देशभर में आँधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा, कई राज्यों में चेतावनी जारी
देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। 28 और 29 मार्च को उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में तेज आँधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इन दो दिनों के दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं चलेंगी, जिससे जनजीवन और खेती पर असर पड़ सकता है।
तेज रफ्तार वाली हवाएं और बारिश
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। यहाँ हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। वहीं मैदानी इलाकों में पंजाब और राजस्थान में 28 और 29 मार्च को तेज आँधी के साथ बारिश होने की संभावना है।
29 मार्च का मौसम अपडेट
मैदानी इलाकों में भी राहत नहीं है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 मार्च को मौसम ज्यादा खराब हो सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी, लेकिन 29 मार्च के बाद फिर से गर्मी बढ़ने लगेगी।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर
पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 28 और 29 मार्च को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 मार्च को मूसलाधार बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत के उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28-29 मार्च को तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। बिहार में 28 मार्च को तेज हवाओं के साथ ओले गिर सकते हैं, जबकि झारखंड में बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
मध्य-दक्षिण भारत में भी बिगड़ेगा मौसम
मध्य भारत भी इससे अछूता नहीं है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 29 मार्च को तेज आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हवा की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। इसके अलावा दक्षिण भारत में तस्वीर थोड़ी अलग है। दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक में जहाँ गर्मी और उमस परेशान करेगी, वहीं केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह
- मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए किसानों और पशुपालकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
- पक चुकी फसल जैसे सरसों, गेहूं, चना और सब्जियां तुरंत काट लें
- कटाई के बाद फसल को ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें
- खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करें
- छोटे पौधों को तेज हवा से बचाने के लिए सहारा दें
- बागवानी फसलों को जालियों से सुरक्षित करें
पशुपालकों को सलाह दी जाती है कि खराब मौसम के दौरान पशुओं को खुले में न छोड़ें। उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें और चारे को भी भीगने से बचाएं।