इस राज्य में न्यूनतम मजदूरी 35 प्रतिशत बढ़ी, जानें अब हर श्रेणी के श्रमिकों को मिलेगा कम-से-कम कितना वेतन

Gaon Connection | Apr 11, 2026, 12:04 IST
हरियाणा की सरकार ने अपने श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में बड़ा इजाफा किया है। 35 प्रतिशत की वृद्धि ने उन्हें 15,220 रुपये प्रति माह का भुगतान सुनिश्चित किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है। यह फैसला श्रमिकों की जिंदगी में बदलाव लाएगा, लेकिन उद्योग जगत में इसकी प्रतिक्रिया अब भी मिली-जुली है।
हरियाणा में अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,274 रुपये से बढ़कर 15,220 रुपये हो गया

हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने मजदूरों के वेतन में करीब 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। यह निर्णय हाल ही में मानेसर और गुरुग्राम की औद्योगिक इकाइयों में ठेका श्रमिकों की हड़ताल और विरोध-प्रदर्शन के बाद लिया गया। नई मजदूरी दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं।



सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,274 रुपये से बढ़कर 15,220 रुपये हो गया है। इसी तरह अन्य श्रेणियों में भी वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। यह संशोधन Code on Wages, 2019 के तहत किया गया है, जिससे राज्य के सभी प्रकार के रोजगार, फैक्ट्री और ठेका श्रमिक इसके दायरे में आएंगे।



हरियाणा में नई न्यूनतम मजदूरी (1 अप्रैल 2026 से लागू)

श्रेणीमासिक वेतन (रु.)दैनिक वेतन (रु.)
अकुशल (Unskilled)15,220.71585.41
अर्ध-कुशल (Semi-Skilled)16,780.74645.41
कुशल (Skilled)18,500.81711.56
उच्च कुशल (Highly Skilled)19,425.85747.14

पुरुष और महिला श्रमिकों के बीच वेतन में कोई भेदभाव नहीं होगा

सरकार के मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में बदलाव के आधार पर मजदूरी में समायोजन किया जाएगा, जिससे महंगाई के असर को संतुलित किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि संशोधित न्यूनतम मजदूरी दरें भविष्य में किसी भी स्थिति में इससे कम नहीं की जा सकतीं। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि पुरुष और महिला श्रमिकों के बीच वेतन में कोई भेदभाव नहीं होगा। वहीं, ठेका श्रमिकों के मामले में भी मुख्य नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी कि उन्हें तय न्यूनतम वेतन दिया जाए।



प्रशिक्षु (ट्रेनी) कर्मचारियों के लिए यह होगा

इसके अलावा, प्रशिक्षु (ट्रेनी) कर्मचारियों को संबंधित श्रेणी के वेतन का 75 प्रतिशत दिया जाएगा, लेकिन यह राशि अकुशल श्रमिक के न्यूनतम वेतन से कम नहीं होगी। प्रशिक्षण अवधि अधिकतम एक वर्ष तय की गई है। हरियाणा सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी आय में सुधार होगा और जीवन स्तर बेहतर होगा।



उद्योग जगत की मिली-जुली प्रतिक्रिया

हालांकि, इस फैसले पर उद्योग जगत की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जहां श्रमिक संगठनों ने इसे राहत भरा कदम बताया है, वहीं उद्योग संगठनों ने लागत बढ़ने की चिंता जताई है। उनका कहना है कि अचानक 35% वेतन वृद्धि से छोटे और मध्यम उद्योगों पर दबाव बढ़ सकता है।



सरकार ने श्रम विभाग को निर्देश दिए हैं कि नई मजदूरी दरों को सख्ती से लागू कराया जाए, ताकि श्रमिकों को इसका पूरा लाभ मिल सके। यह फैसला राज्य में श्रमिकों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



Image credit : Gaon Connection Network
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