Mission Shakti 5.0: उत्तर प्रदेश में महिला-बाल सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए जन-जागरूकता अभियान
उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए 'मिशन शक्ति 5.0' का दूसरा चरण शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत, 21 मार्च से प्रदेश भर में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महिला कल्याण विभाग द्वारा नवरात्र के अवसर पर मोबाइल वैन, कैंप और स्टॉल के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। यह अभियान ग्राम, ब्लॉक और जनपद स्तर तक चलेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा जा सके।
गाँव-गाँव तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
महिला कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि यह अभियान गाँव-गाँव तक पहुंचेगा। मोबाइल वैन और सूचना स्टॉल के जरिए महिलाओं और बच्चों से सीधे बात की जाएगी। उन्हें घरेलू हिंसा, सुरक्षा अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में बताया जाएगा। सोशल मीडिया पर #Women&ChildrenFirst और #MissionShakti हैशटैग का इस्तेमाल किया जाएगा।
योजनाओं और हेल्पलाइन की दी जाएगी जानकारी
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना जैसी कई योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता के लिए उपलब्ध सेवाओं के बारे में भी बताया जाएगा। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों, प्रतिष्ठित व्यक्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया जाएगा। स्थानीय चैनलों, रेडियो और सोशल मीडिया पर भी इसका प्रचार किया जाएगा।
कानूनी अधिकारों पर विशेष जोर
अभियान में महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, दहेज निषेध और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। हर मामले का फॉलोअप भी किया जाएगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय हर दिन की रिपोर्ट "शक्ति वार रूम" के माध्यम से महिला कल्याण निदेशालय को भेजेंगे। यह अभियान प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।