मॉडल यूथ ग्राम सभा: स्कूलों में बच्चे सीख रहे पंचायत के कार्य
मॉडल यूथ ग्राम सभाओं से बच्चों को ग्राम पंचायतों के कार्यों की दी जा रही जानकारी। अच्छा कार्य करने वाली मॉडल ग्राम पंचायतों को किया गया सम्मानित।
ग्रामीण स्तर पर होने वाले कार्यों के बारे में युवाओं को जागरुक करने के लिए स्कूल स्तर पर मॉडल यूथ ग्राम सभाएं चलाई जा रही हैं। इन सभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाया गया। अच्छा काम करने वाली मॉडल यूथ ग्राम सभाओं को सम्मानित किया गया।
नई दिल्ली में कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने अपनी प्रस्तुति से यह दिखाया कि कैसे गांव का विकास किया जा सकता है? कैसे स्थानीय जरूरतों के हिसाब से योजनाएं बनाई जाती हैं और सरकारी योजनाओं को ठीक से लागू किया जाता है? बच्चों ने शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने गांव में पढ़ाई-लिखाई के महत्व को अच्छे तरीके से समझाया। यह समारोह देश भर में आयोजित अनुकरणीय ग्राम सभाओं और ग्राम पंचायत की कार्यवाही में भाग लेने वाले 619 जवाहर नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के 28,000 से अधिक छात्रों की उपलब्धियों का रहा।
पंचायती राज मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय ने मिलकर मॉडल यूथ ग्राम सभाओं (MYGS) को सम्मानित किया।
इन मॉडल ग्राम सभाओं ने जीता पुरस्कार-
पहला पुरस्कार- ऊना, हिमाचल प्रदेश और कोसम्बुड़ा, छत्तीसगढ़ की मॉडल यूथ ग्राम सभा को मिला।
दूसरा पुरस्कार - हिरली ओडिसा और कन्नूर केरला मॉडल यूथ ग्राम सभा को मिला।
तीसरा पुरस्कार- एकलव्य मॉडल आवासीय पुरस्कार और उखरूल प्रथम, मणिपुर मॉडल यूथ ग्राम सभा को मिला।
इस कार्यक्रम में लगभग 900 छात्र और शिक्षक शामिल हुए। मॉडल युवा ग्राम सभा के राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के कोसाम्बुड़ा स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्राम सभा की तरह ही गांव के विकास, सरकारी योजनाओं और मिलकर फैसले लेने जैसे मुद्दों पर बातचीत की।