कम खर्च में ज़्यादा कमाई का फॉर्मूला: पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर से प्राकृतिक खेती सीखने का मौका

Gaon Connection | Jan 19, 2026, 15:06 IST
Image credit : Gaon Connection Network, Gaon Connection

खेती की बढ़ती लागत, घटती आमदनी और जलवायु संकट के बीच उत्तर प्रदेश के सिसौली गाँव में पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर का चार दिवसीय विशेष किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में किसानों को कम पानी, कम खर्च और ज़हर मुक्त खेती की तकनीकें सिखाई जाएंगी।

<p>उत्तर प्रदेश के सिसौली में किसानों को मिलेगा प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण।<br></p>

आज देश के किसान कई मुश्किलों से जूझ रहे हैं। खेती की लागत बढ़ रही है, फसल के दाम सही नहीं मिल रहे, कर्ज बढ़ता जा रहा है और मौसम भी साथ नहीं दे रहा। ऐसे समय में खेती को फिर से फायदे का काम बनाने के लिए पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर द्वारा सिसौली गाँव में चार दिन का विशेष प्रशिक्षण शिविर रखा गया है।



यह शिविर भारतीय किसान यूनियन के सहयोग से आयोजित हो रहा है। इसमें किसानों को ऐसी खेती सिखाई जाएगी जिसमें कम खर्च, कम पानी और बिना ज़हर के खेती करके परिवार को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।



इस शिविर में किसान क्या सीखेंगे?

इस प्रशिक्षण में किसानों को बताया जाएगा कि एक देशी गाय के गोबर और गोमूत्र से बिना रासायनिक खाद डाले 10–15 एकड़ तक खेती कैसे की जा सकती है। कम पानी में खेती कैसे हो सकती है। देशी बीजों से अच्छी पैदावार कैसे ली जाए। खेती का खर्च कैसे घटाया जाए और आमदनी कैसे बढ़ाई जाए।



डॉ. पालेकर बताएंगे कि उनकी खेती पद्धति रासायनिक खेती, विदेशी जैविक खेती और दूसरी पद्धतियों से कैसे अलग है। इसमें धान, गेहूं, बाजरा, ज्वार, मिलेट, सरसों, गन्ना, सब्जी, कपास, मूंग, उड़द, अरहर, सोयाबीन जैसी फसलों की खेती के तरीके समझाए जाएंगे।



इस शिविर में यह भी बताया जाएगा कि गांव के युवाओं को गाँव में ही काम कैसे मिले। फूड फॉरेस्ट, बागवानी और मिश्रित खेती से गाँव में रोजगार कैसे बनाया जाए ताकि लोग शहर पलायन न करें।



डॉ. पालेकर यह भी बताएंगे कि आज की कई खेती पद्धतियां मिट्टी को खराब कर रही हैं, पानी खत्म कर रही हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं। इस शिविर में यह समझाया जाएगा कि खेती को कैसे प्रकृति के साथ मिलाकर किया जाए ताकि जमीन भी बचे और किसान की आमदनी भी बढ़े। शिविर में इस बात पर भी चर्चा होगी कि आज देश अमीर बन रहा है, लेकिन किसान और गाँव गरीब होते जा रहे हैं। फसल का सही दाम नहीं मिलना, कर्ज बढ़ना और बाजार की मार किसानों पर भारी पड़ रही है।





यहाँ होगा प्रशिक्षण

यह शिविर 22, 23, 24 और 25 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर ज़िले के बुढ़ाना तहसील के सिसौली गाँव के किसान भवन में होगा।



सिसौली गाँव बुढ़ाना से 10 किलोमीटर, मुजफ्फरनगर और शामली से 35 किलोमीटर, मेरठ से 70 किलोमीटर और दिल्ली से लगभग 125 किलोमीटर दूर है। यहां आने के लिए बस और ट्रेन की सुविधा आसानी से मिल जाती है।



शिविर हर दिन सुबह 8:30 बजे से रात 8:30 बजे तक चलेगा। बीच में चाय-पानी के लिए दो छोटे ब्रेक और दोपहर के खाने के लिए एक घंटे का ब्रेक रहेगा। सभी किसानों को 21 मार्च की शाम तक शिविर स्थल पर पहुंचना जरूरी होगा। 25 मार्च को दोपहर 2 बजे शिविर समाप्त हो जाएगा।



चार दिन के इस शिविर के लिए 400 से 1000 रुपये तक का शुल्क हो सकता है। साथ में डॉ. पालेकर की लिखी हिंदी गाइड बुक भी मिलेगी, जिससे किसान घर जाकर दोबारा पढ़ सकें और खेती में सही तरीके से प्रयोग कर सकें।



अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

अर्जुन बालियान: 9258116961



गौरव कुमार टिकैत: 9219571111



गौरव कुमार बालियान: 9997962258



अमोल पालेकर: 9881646930



अमित पालेकर: 9673162240

Tags:
  • Subhash Palekar farming training
  • सुभाष पालेकर कृषि शिविर
  • Natural farming training India
  • Zero Budget Natural Farming Hindi
  • प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण
  • कम लागत खेती तकनीक
  • Padma Shri Subhash Palekar
  • देशी बीज खेती
  • Natural farming Uttar Pradesh
  • Sustainable farming India