MP CABINET: विकास कार्यों के लिए ₹19,810 करोड़ की मंजूरी, जानें सड़क, सिंचाई, कृषि, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए क्या रहे अहम फैसले
मध्य प्रदेश में सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट में कई अहम फैसले लिए गए। स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया को कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में लोक कल्याण और विकास कार्यों को गति देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों के तहत विभिन्न विभागों की योजनाओं और परियोजनाओं के लिए कुल ₹19,810 करोड़ की स्वीकृति दी गई, जिससे प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्रों में तेजी से विकास को बढ़ावा मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग को बड़ी सौगात
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए ₹10,801 करोड़ की मंजूरी दी है। इस राशि से सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण और सुधार कार्यों को गति मिलेगी, जिससे आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सिंचाई परियोजना से किसानों को लाभ
सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए ₹286.26 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से 27 गांवों की करीब 7,200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों को पानी की बेहतर उपलब्धता मिलेगी और फसल उत्पादन में वृद्धि होगी।
कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा
कृषि क्षेत्र में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) के तहत ₹2,250 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों पर अनुदान मिलेगा, कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित होंगे और खेती अधिक आधुनिक व लाभकारी बनेगी।
महिला एवं बाल विकास योजनाओं की निरंतरता
महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं- जैसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन-181—के संचालन के लिए ₹240.42 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इससे महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।
पोषण और शिक्षा को बढ़ावा
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन जैसी योजनाओं के लिए ₹3,553.35 करोड़ की मंजूरी दी गई है, जिससे बच्चों के पोषण स्तर और शिक्षा में सुधार होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए ₹1,005 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा नए चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन के लिए आगामी 5 वर्षों हेतु ₹1,674 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
महिलाओं के लिए नए वन स्टॉप सेंटर
मेहर, मऊगंज, पांढुर्ना, धार, पीथमपुर, इंदौर, सिंगरौली और झाबुआ के पेटलावद में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने को मंजूरी दी गई है, जिससे महिलाओं को त्वरित सहायता और सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि सुधार, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर है, जिससे प्रदेश में संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।