मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: बिहार की 25 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये, 2 लाख तक की अतिरिक्त मदद
बिहार की महिलाओं के लिए सोमवार का दिन खुशखबरी लेकर आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत एक क्लिक में 25 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये भेज दिए। यह रकम कुल 2500 करोड़ रुपये बनती है, जो सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंची। अब तक इस योजना से 1.81 करोड़ महिलाओं को फायदा मिल चुका है। जिन महिलाओं ने इस रकम से अपना व्यवसाय शुरू किया है, उन्हें जल्द ही 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद मिलेगी।
आज एक साथ 25 लाख महिलाओं को मिला पैसा
बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने अपने सरकारी आवास पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जहा उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 25 लाख महिला लाभार्थियों के खाते में एक साथ 2500 करोड़ रुपये भेजे। हर महिला को 10-10 हजार रुपये मिले हैं। सीएमओ के अधिकारियों ने बताया कि यह रकम सीधे महिलाओं के आधार से जुड़े बैंक खातों में पहुंची है।
1.81 करोड़ महिलाओं को अब तक मिल चुका है लाभ
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में किया था जिसके पहले चरण में 75 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। अब तक कुल 1.81 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य के हर परिवार की एक महिला को इस योजना से जोड़ना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। राज्य की हर महिला अपनी पसंद का रोजगार शुरू कर सके, इसके लिए सरकार आर्थिक मदद दे रही है। पहली किस्त में 10,000 रुपये दिए जाते हैं। अगर महिला अपना व्यवसाय अच्छे से चलाती है तो 6 महीने बाद समीक्षा के बाद 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद दी जाती है।
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2 लाख रुपये कैसे मिलेंगे - जानें शर्तें
जिन महिलाओं को पहली किस्त के 10,000 रुपये मिल चुके हैं, वे अगली किस्त के लिए तैयारी कर सकती हैं। लेकिन 2 लाख रुपये एक साथ नहीं मिलेंगे। यह पैसा 4 किस्तों में आएगा और हर किस्त के लिए महिलाओं को अपना भी योगदान देना होगा।
पहली किस्त: 20,000 रुपये मिलेंगे, लेकिन 5,000 रुपये खुद देने होंगे
दूसरी किस्त: 40,000 रुपये मिलेंगे, लेकिन 10,000 रुपये अपने पास से लगाने होंगे
तीसरी किस्त: 80,000 रुपये मिलेंगे, लेकिन 20,000 रुपये खुद देने होंगे
चौथी किस्त: 60,000 रुपये मिलेंगे, जो मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए होगी
दूसरी किस्त कब आएगी?
सूत्रों के अनुसार, दूसरी किस्त होली के बाद मार्च के आखिरी हफ्ते तक आ सकती है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि 20,000 रुपये की यह किस्त उन महिलाओं को मिलेगी जिन्होंने नवंबर 2025 में पहली किस्त प्राप्त की थी और अपना व्यवसाय शुरू कर दिया है।
अगली किस्त पाने के लिए महिलाओं को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:-
- स्वयं सहायता समूह की बैठकों में नियमित रूप से भाग लेना होगा
- समूह में हर हफ्ते 10 रुपये का अपना योगदान देना होगा
- बचत के नियमों का पालन करना होगा
- अपना बिजनेस प्लान तैयार करना होगा
- सरकार द्वारा दी जाने वाली ट्रेनिंग में हिस्सा लेना होगा
- आय और खर्च का पूरा हिसाब-किताब रखना होगा
- हर महीने छोटी ही सही लेकिन FD या RD करनी होगी
- व्यवसाय का फिजिकल वेरिफिकेशन होगा - अधिकारी जांच करेंगे कि व्यवसाय चल रहा है या नहीं
कैसे करें आवेदन?
अगर अभी तक आपने इस योजना के लिए आवेदन नहीं किया है तो आप अभी भी आवेदन कर सकती हैं। शहरी क्षेत्र की महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
ऑनलाइन आवेदन का तरीका:
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल mmry.brlps.in पर जाएं
- 'आवेदन भरें' पर क्लिक करें
- आवेदन फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
- फॉर्म जमा कर दें
- ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपने नजदीकी जीविका केंद्र या ब्लॉक ऑफिस जाकर फॉर्म भर सकती हैं।
स्टेटस कैसे चेक करें
अभी ऑनलाइन पोर्टल पर स्टेटस चेक करने की सुविधा शुरू नहीं हुई है। लेकिन आप अपने बैंक खाते की पासबुक अपडेट करके या UPI ऐप से बैलेंस चेक करके पता कर सकती हैं कि पैसा आया है या नहीं। इसके अलावा ग्राम संगठन या स्वयं सहायता समूह में जाकर भी जानकारी ली जा सकती है।
अगर पैसा नहीं आया तो क्या करें?
अगर आपके खाते में पैसा नहीं आया है तो इन बातों की जांच करें:
- बैंक खाता नंबर और IFSC कोड सही है या नहीं
- आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक है या नहीं
- e-KYC पूरी हुई है या नहीं
- फॉर्म में दी गई जानकारी सही है या नहीं
- अगर सब कुछ सही है फिर भी पैसा नहीं आया तो नजदीकी जीविका केंद्र या ब्लॉक ऑफिस में संपर्क करें।
- किन महिलाओं को मिलेगा लाभ
- बिहार की स्थाई निवासी महिलाएं
- 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं
- जीविका समूह की सदस्य महिलाएं
- जिनके पास बैंक खाता है और आधार से लिंक है
- यह योजना मुख्य रूप से स्वयं सहायता समूहों (जीविका दीदी) की महिलाओं के लिए है।
किन कामों में लगा सकती हैं पैसा?
महिलाएं इस रकम को अपनी पसंद के किसी भी रोजगार में लगा सकती हैं:
- कृषि संबंधी व्यवसाय
- पशुपालन - गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी पालन
- खाद्य प्रसंस्करण - अचार, पापड़, मसाले बनाना
- सिलाई-कढ़ाई, बुनाई
- हस्तशिल्प
- ब्यूटी पार्लर
- डिजिटल काम
- छोटे स्तर के अन्य उद्यम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में कहा था कि उनकी सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में बिहार की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करना है। साथ ही 1 करोड़ रोजगार और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना इस दिशा में एक बड़ा कदम है। योजना के तहत केवल पैसा ही नहीं दिया जा रहा, बल्कि महिलाओं को कौशल विकास की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। जीविका केंद्रों पर मुफ्त ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसमें व्यवसाय कैसे चलाएं, मार्केटिंग कैसे करें, हिसाब-किताब कैसे रखें जैसी बातें सिखाई जाती हैं। महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बेचने के लिए राज्य भर में ग्रामीण हाट-बाजारों का विकास किया जा रहा है। इससे महिलाओं को अपना सामान बेचने के लिए अच्छे मंच मिल सकेंगे।