देशभर के अलग-अलग राज्यों में भारी बारिश, आंधी, बर्फबारी और लू चलने का अलर्ट

Gaon Connection | Mar 10, 2026, 10:48 IST
देशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी है। वहीं, कई मैदानी इलाकों में गर्मी ने दस्तक दे दी है। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में लू चलने की संभावना है। इस बदलते मौसम का सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। ऐसे में IMD ने बदलते मौसम में किसानों को खेती को नुकसान न हो इसके लिए सलाह दी है।
<p><span style="font-size: 12px;">पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट</span></p>

देशभर में मौसम का मिजाज इन दिनों बिल्कुल अलग-अलग है। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत के पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी तरफ कई मैदानी इलाकों में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में 10 से 15 मार्च तक मौसम में भारी उथल-पुथल की आशंका है, जहाँ भारी बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, राजस्थान, विदर्भ, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र जैसे मैदानी इलाकों में भीषण लू चलने और उमस भरी गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। इस बदलते मौसम का सीधा असर खेती पर भी पड़ रहा है, जिससे किसानों को अपनी फसलों और मवेशियों को बचाने के लिए विशेष सलाह दी गई है।



पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी

मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 10 और 11 मार्च को भारी बारिश और बर्फबारी की पूरी संभावना है। साथ ही 10 मार्च को ओले भी गिर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में 11 और 12 मार्च को ओलावृष्टि का अलर्ट है। इन पहाड़ी इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी आशंका है। उत्तराखंड में भी 10 से 15 मार्च तक हल्की बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी।



देश के पूर्वोत्तर हिस्सों में मौसम बिगड़ा

पहाड़ों के अलावा, देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में भी मौसम बिगड़ा रहेगा। 10 से 13 मार्च के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज आंधी और बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में भी 10 और 11 मार्च को तूफानी मौसम रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 14-15 मार्च तक आंधी और बिजली चमकने के साथ बारिश की भविष्यवाणी की गई है। दक्षिण भारत के केरल और माहे में भी 10 मार्च को ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा।



इन राज्यों में बढ़ रही गर्मी

इसके बिल्कुल विपरीत, देश के कई अन्य हिस्सों में सूरज आग उगल रहा है। 10 मार्च को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भीषण लू चलने का अलर्ट है। राजस्थान, विदर्भ और गुजरात में 10 और 11 मार्च को, जबकि उत्तरी कोंकण में 10 मार्च को लू चलने की प्रबल संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 10 और 11 मार्च को मौसम बेहद गर्म और चिपचिपा रहेगा। गुजरात के तटीय इलाकों में यह उमस भरी गर्मी 13 मार्च तक बनी रहेगी। फिलहाल, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में दिन का तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत, गुजरात और मध्य प्रदेश में यह सामान्य से 4 से 6 डिग्री ज्यादा चल रहा है।



बढ़ते तापमान का खेती पर क्या असर?

बढ़ते तापमान और लू का सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। गर्मी से मिट्टी की नमी तेजी से खत्म हो रही है। इससे गेहूं के दाने सिकुड़ सकते हैं और सब्जियों के फूल झड़ सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की फसलों में सुबह या शाम के ठंडे समय में हल्की सिंचाई करते रहें। इससे खेतों में नमी बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश के किसानों को फसलों में पानी लगाने को कहा गया है। असम के किसानों को धान के खेतों में 2-5 सेंटीमीटर पानी भरकर रखने की सलाह दी गई है। आंधी से बचने के लिए कटी हुई सरसों की फसल को सुरक्षित जगह पर रख लें। पशुओं और मुर्गियों को गर्मी से बचाने के लिए उन्हें पर्याप्त और साफ पीने का पानी दें। पोल्ट्री शेड की छत को घास-फूस से ढक दें।

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