कृषि मेले में बोले नितिन गडकरी-किसान अन्नदाता से बनें ऊर्जादाता; बेहतर बीज, आधुनिक सिंचाई और जैविक खेती अपनाने की दी सलाह
रायसेन में आयोजित 'उन्नत कृषि महोत्सव' के समापन पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता बनने का मंत्र दिया। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य खेती को तकनीक, ऊर्जा और नवाचार से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाना और लागत कम करना है। समापन समारोह में यह विश्वास जताया गया कि इस आयोजन से मिली जानकारी और तकनीक का लाभ देश के हर किसान तक पहुंचेगा, जिससे कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी।
कृषि क्रांति की शुरुआत
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'उन्नत कृषि महोत्सव' को सिर्फ एक आयोजन न बताते हुए, इसे देश में कृषि क्रांति की शुरुआत करार दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि इस महोत्सव से प्राप्त ज्ञान और तकनीक का लाभ देश के हर किसान तक पहुंचेगा। सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना और खेती की लागत को कम करना है, इस पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
आधुनिक तकनीक और ऊर्जा उत्पादन पर जोर
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक सिंचाई के तरीके, ड्रोन तकनीक और जैविक खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कम लागत में ज्यादा उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता ही किसानों की आय बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है। गडकरी ने किसानों को 'ऊर्जादाता' बनने का आह्वान करते हुए कहा कि वे सिर्फ अन्नदाता बनकर न रहें, बल्कि बायोफ्यूल, गोबर गैस, सौर ऊर्जा और कृषि अपशिष्ट से बिजली बनाने जैसे ऊर्जा उत्पादन की दिशा में भी आगे बढ़ें। इससे गाँव आत्मनिर्भर बनेंगे और किसानों की अतिरिक्त आय के नए रास्ते खुलेंगे।
भविष्य की जरूरतें: स्मार्ट विलेज और एकीकृत खेती
गडकरी ने माइक्रो इरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई), ड्रोन और जैविक खेती को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने समझाया कि ड्रोन से दवा छिड़काव और फसल की निगरानी आसान हो जाती है, जबकि जैविक खेती से किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिल सकता है। उन्होंने 'स्मार्ट सिटी' के बजाय 'स्मार्ट विलेज' की अवधारणा पर जोर दिया। गाँवों में सड़क, पानी, इंटरनेट, आधुनिक मंडी और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं का विकास आवश्यक है। इस दौरान रायसेन, विदिशा और सीहोर जिलों के लिए एक विशेष कृषि रोडमैप भी जारी किया गया, जिसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सेवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग पर बल दिया गया।
विविध आय के स्रोत
किसानों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी और मछली पालन जैसे अन्य व्यवसायों को अपनाने की भी सलाह दी गई। नितिन गडकरी ने डेयरी क्षेत्र में गीर नस्ल की गायों और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के उदाहरण भी दिए। इस महोत्सव ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि आने वाले समय में खेती केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह तकनीक, ऊर्जा और विविध आय के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का एक शक्तिशाली जरिया बनेगी।