MP Raisen Krishi Mela: अप्रैल की इस तारीख से शुरू होगा मेला, किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकें और प्रशिक्षण का मौका
मध्य-प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैस के बीच राष्ट्रीय कृषि मेला का आयोजन होने वाला है। Indian Council of Agricultural Research की तरफ से ये जानकारी दी गई, जिसमें कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan किसानों को संबोधित करते हुए कहते हैं, "किसानों की सेवा करना उनके लिए भगवान की पूजा के समान है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की आय नहीं बढ़ेगी, तब तक उनकी सही सेवा संभव नहीं है। इसी सोच के साथ सरकार लगातार किसानों के हित में योजनाएं बना रही है और उन्हें नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास कर रही है।"
इसी उद्देश्य से 11, 12 और 13 अप्रैल को रायसेन में एक बड़ा राष्ट्रीय कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेला केवल एक सामान्य आयोजन नहीं होगा, बल्कि किसानों को नई जानकारी, प्रशिक्षण और आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ने का एक खास अवसर होगा।
मेले में क्या होगा खास?
इस मेले में किसानों के लिए अलग-अलग विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, अधिकारी और उन्नत किसान सरल भाषा में जानकारी देंगे। यहाँ सिर्फ किताबों की बातें नहीं होंगी, बल्कि खेत से जुड़ी चीजों को प्रैक्टिकल तरीके से समझाया जाएगा, ताकि किसान आसानी से सीख सकें और उसे अपने खेत में लागू कर सकें।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग की मिलेगी पूरी जानकारी
मेले की सबसे खास बात यह होगी कि यहाँ लाइव डेमो (प्रदर्शन) भी किए जाएंगे। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई किसान एकीकृत खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) करना चाहता है, तो उसे छोटे खेत में अलग-अलग फसलें और गतिविधियां कैसे एक साथ की जा सकती हैं, यह पूरी तरह दिखाया जाएगा। इससे किसानों को कम जमीन में ज्यादा उत्पादन और ज्यादा कमाई करने के तरीके समझ में आएंगे।
खेती में ड्रोन के इस्तेमाल की जानकारी
इसके अलावा, मेले में आधुनिक खेती से जुड़ी कई नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। किसानों को ड्रोन के इस्तेमाल से खेती करना, पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस में फसल उगाना, नई कृषि मशीनों का उपयोग, और हाइड्रोपोनिक्स जैसी उन्नत पद्धतियों के बारे में सिखाया जाएगा। साथ ही, असली और नकली खाद की पहचान कैसे करें और संतुलित तरीके से उर्वरकों का इस्तेमाल कैसे करें, इस पर भी खास जानकारी दी जाएगी।
एक मंच से मिलेगी खेती से जुड़ी सभी जानकारी
- मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मेले का उद्देश्य है कि किसानों को एक ही जगह पर खेती से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिले। इससे किसान नई तकनीक अपनाकर अपनी लागत कम कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
- उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे इस मेले में जरूर भाग लें। मेले का शुभारंभ 11 अप्रैल को सुबह 10 बजे होगा और तीनों दिन अलग-अलग विषयों पर कार्यक्रम चलते रहेंगे। देशभर से विशेषज्ञ इस मेले में मौजूद रहेंगे, जो किसानों की समस्याओं का समाधान भी बताएंगे।
- यह कृषि मेला किसानों के लिए सीखने, समझने और आगे बढ़ने का एक सुनहरा मौका है। किसान यहां से नई जानकारी लेकर अपनी खेती को बेहतर बना सकते हैं और अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम उठा सकते हैं।