मार्च में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी: विदर्भ के अमरावती, अकोला में पारा 41 डिग्री पार, जानें मौसम विभाग का अनुमान

Gaon Connection | Mar 28, 2026, 13:00 IST
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मार्च के महीने में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गर्मी ने दस्तक दे दी है। अमरावती और अकोला जिलों में तापमान लगातार 41 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। यह अप्रत्याशित हालात हैं, क्योंकि इस समय मौसम सामान्य होना चाहिए था। पिछले हफ्ते बारिश के बाद मौसम ने अचानक करवट ली है।
महाराष्ट्र में बढ़ी गर्मी

जहाँ एक तरफ भारत के पूर्वी और मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी देखी जा रही है, वहीं महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में मार्च महीने में ही भीषण गर्मी पड़ रही है, जिसमें अमरावती और अकोला जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। इसके अलावा नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर जिलों में अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक है।



यह स्थिति मार्च के लिए असामान्य मानी जा रही है, क्योंकि आमतौर पर इतनी गर्मी अप्रैल के मध्य या अंत में देखने को मिलती है। पिछले सप्ताह हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान में अचानक वृद्धि हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा और अप्रैल की शुरुआत में यह 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।



अकोला और अमरावती में गर्मी के तेवर

विदर्भ क्षेत्र में गर्मी ने मार्च महीने में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अमरावती और अकोला जिले इस समय विदर्भ ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा गर्म स्थान बनकर उभरे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शुक्रवार को अमरावती में 41.2 डिग्री सेल्सियस और अकोला में 41.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा है। ऐसे में बढ़ती मार्च में बढ़ते हुए पारा से लोग काफी परेशान हैं।



सामान्य से अधिक गर्म रहा मार्च

वर्तमान में महाराष्ट्र में दर्ज किए जा रहे तापमानों में अमरावती और अकोला शीर्ष पर हैं। यह स्थिति मार्च महीने के लिहाज से असामान्य मानी जा रही है, जहाँ आमतौर पर इतनी तीव्र गर्मी अप्रैल के मध्य या अंत में देखने को मिलती है।



पिछले सप्ताह विदर्भ के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान गिरकर करीब 35 डिग्री तक आ गया था, जिससे रबी की कई फसलों को भी भारी नुकसान हुआ था। लेकिन मौसम साफ होते ही तापमान ने अचानक छलांग लगाई और महज तीन-चार दिनों में 40 डिग्री के पार पहुँच गया है।



बादल और धूप एक साथ

शुक्रवार को आसमान में हल्के बादल छाए रहने के बावजूद सूरज की तीखी किरणों ने लोगों को झुलसा दिया है। उमस और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और लोग घरों में रहने को मजबूर दिख रहे हैं।



जनजीवन हुआ प्रभावित

बढ़ती गर्मी का जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। दोपहर में बाजारों में भीड़ कम देखी जा रही है। गर्म हवाओं से राहगीरों को परेशानी हो रही है। बिजली की मांग में बढ़ोतरी हुई है और पानी की खपत तेजी से बढ़ी है।



स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने और बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की बात कही है।



और बढ़ सकता है तापमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि संभव है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो अप्रैल की शुरुआत में ही पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में अमरावती और अकोला में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने यह संकेत दे दिया है कि इस साल विदर्भ में गर्मी का प्रकोप जल्दी और ज्यादा तीव्र होने वाला है। मार्च में ही बने ये हालात प्रशासन और आम जनता और किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

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