Seed Act 2026: कैसे बदलेगा बीज का बाज़ार और खेती का भविष्य

Gaon Connection | Jan 16, 2026, 16:51 IST
Image credit : Gaon Connection Network, Gaon Connection

देश के किसानों के लिए बीज की गुणवत्ता हमेशा सबसे बड़ी चिंता रही है। नकली और घटिया बीज से हर साल लाखों किसान नुकसान झेलते हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने नया Seed Act 2026 लाने का ऐलान किया है।

<p>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों की सुरक्षा और बीज व्यवस्था में पारदर्शिता लाने वाला “ऐतिहासिक सुधार” बताया है।<br></p>

देश के करोड़ों किसानों के लिए बीज सिर्फ़ एक इनपुट नहीं, बल्कि पूरी फसल की नींव होता है। अगर बीज अच्छा हो तो मेहनत रंग लाती है, लेकिन अगर बीज नकली या घटिया निकला तो महीनों की मेहनत, पैसा और उम्मीद सब मिट्टी में मिल जाते हैं। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के इरादे से केंद्र सरकार ने नया सीड एक्ट 2026 लाने का ऐलान किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों की सुरक्षा और बीज व्यवस्था में पारदर्शिता लाने वाला “ऐतिहासिक सुधार” बताया है।



मीडिया से बातचीत में मंत्री ने साफ कहा कि यह कानून सिर्फ़ काग़ज़ी बदलाव नहीं है, बल्कि खेती के मैदान तक असर दिखाने वाला सुधार है। उन्होंने कहा कि अब देश में बीज की पूरी “कहानी” किसानों तक पहुंचेगी, यानी बीज कहाँ बना, किस कंपनी ने तैयार किया, किस डीलर ने बेचा और किसान तक कैसे पहुंचा, यह सब जानकारी डिजिटल तरीके से उपलब्ध होगी।



जब हर बीज बोलेगा अपनी पहचान

अब तक किसान अक्सर भरोसे के आधार पर बीज खरीदते थे। पैकेट पर लिखी जानकारी के अलावा उनके पास यह जानने का कोई आसान तरीका नहीं था कि बीज असली है या नकली। नया सीड एक्ट इस व्यवस्था को बदलने जा रहा है। इसके तहत हर बीज पैकेट पर QR कोड लगाया जाएगा। किसान मोबाइल से इस कोड को स्कैन करके यह जान सकेगा कि बीज किस कंपनी का है, किस जगह तैयार हुआ है और उसकी गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी क्या है।



शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जैसे ही यह ट्रेसिबिलिटी सिस्टम लागू होगा, नकली और घटिया बीज को छुपाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। अगर कहीं से खराब बीज बाजार में आया भी, तो तुरंत यह पता चल सकेगा कि गलती किस स्तर पर हुई और जिम्मेदार कौन है। इससे किसान को समय पर न्याय मिलेगा और दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।



नकली बीज बेचने वालों पर अब सख्त चोट

अब तक बीज कानून के तहत जुर्माना बहुत कम था, जिससे कई बार धोखेबाज़ बेखौफ रहते थे। नए सीड एक्ट में इस कमजोरी को दूर किया गया है। प्रस्ताव है कि अगर कोई जानबूझकर घटिया या नकली बीज बेचता है, तो उस पर 30 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और गंभीर मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है।



Image credit : Gaon Connection Network, Gaon Connection


मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार अच्छी कंपनियों को परेशान नहीं करना चाहती, लेकिन जो किसान को धोखा देंगे, उनके लिए अब कोई नरमी नहीं होगी। यह सख्ती इसलिए जरूरी है क्योंकि एक गलत बीज केवल एक किसान को नहीं, बल्कि पूरे गांव या इलाके की उत्पादन क्षमता को नुकसान पहुंचाता है।



अब हर बीज कंपनी का होगा रजिस्ट्रेशन

नए कानून के तहत बीज बेचने वाली हर कंपनी और डीलर का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसका मतलब यह है कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति या फर्जी कंपनी अब खुले बाजार में बीज नहीं बेच पाएगी। किसानों को यह जानने में आसानी होगी कि वे जिस कंपनी से बीज खरीद रहे हैं, वह सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं।



इस व्यवस्था से बाजार में भरोसे का माहौल बनेगा। किसान जब दुकान पर बीज खरीदेगा, तो उसे यह भरोसा रहेगा कि सामने वाला विक्रेता कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है और अगर कोई समस्या हुई तो शिकायत करने का रास्ता खुला है।



परंपरागत बीज पर कोई रोक नहीं

नया सीड एक्ट आते ही कुछ किसानों में यह डर भी पैदा हुआ कि कहीं सरकार उनके अपने बीज इस्तेमाल करने पर रोक न लगा दे। इस भ्रम को दूर करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि किसानों की पारंपरिक बीज प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।



उन्होंने बताया कि गाँवों में आज भी किसान एक-दूसरे से बीज लेते हैं, साझा करते हैं और बोनी के समय परंपरागत तरीके से बीज का लेन-देन करते हैं। यह व्यवस्था पहले की तरह चलती रहेगी। किसान अपने खेत का बीज खुद इस्तेमाल कर सकता है और दूसरे किसान को भी दे सकता है। नया कानून केवल व्यावसायिक स्तर पर बिकने वाले बीजों की गुणवत्ता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए है।



ICAR और देसी कंपनियों को मिलेगा बढ़ावा

कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि सीड एक्ट 2026 में सार्वजनिक क्षेत्र और देशी कंपनियों की भूमिका को मजबूत किया जाएगा। ICAR, कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) जैसे संस्थानों को बीज विकास और किसानों तक सही जानकारी पहुंचाने में और सक्रिय भूमिका दी जाएगी।



साथ ही, विदेशी बीज कंपनियों के लिए भी सख्त मूल्यांकन व्यवस्था होगी। बाहर से आने वाले बीज बिना जांच के बाजार में नहीं उतर पाएंगे। सरकार का मकसद यह है कि भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल, टिकाऊ और भरोसेमंद बीज ही किसानों तक पहुंचे।





किसानों को जागरूक करने पर भी ज़ोर

कानून बनाना एक बात है और उसे ज़मीन पर उतारना दूसरी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार किसानों की जागरूकता बढ़ाने पर भी काम कर रही है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि “विकसित कृषि संकल्प अभियान” जैसे कार्यक्रमों के जरिए वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी और प्रगतिशील किसान गाँव-गाँव जाकर किसानों को बीज की गुणवत्ता, सही चुनाव और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रहे हैं।



देशभर के 731 कृषि विज्ञान केंद्रों को इस अभियान में अहम भूमिका दी गई है। यहां किसानों को यह सिखाया जाएगा कि अच्छा बीज कैसे पहचाना जाए, QR कोड कैसे स्कैन करें और अगर कोई समस्या आए तो कहां शिकायत करें।



1966 के पुराने कानून से 2026 की नई व्यवस्था तक

भारत में बीज से जुड़ा पुराना कानून 1966 का था, जब न डिजिटल तकनीक थी और न ही आज जैसी जटिल सप्लाई चेन। उस समय की जरूरतों के हिसाब से बना कानून आज की चुनौतियों का सामना नहीं कर पा रहा था। नया सीड एक्ट 2026 आधुनिक तकनीक, डिजिटल रिकॉर्ड और पारदर्शिता पर आधारित है।



मंत्री ने कहा कि यह बदलाव इसलिए जरूरी था ताकि भविष्य में कोई किसान ठगा न जाए और खेती में भरोसे की नींव मजबूत हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि राज्य का विषय है और नए कानून में राज्यों के अधिकारों को कमजोर नहीं किया गया है। केंद्र और राज्य मिलकर इस कानून को लागू करेंगे।



किसानों के लिए इसका क्या मतलब है?

अगर इस कानून को सही तरीके से लागू किया गया, तो इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। उन्हें बेहतर गुणवत्ता का बीज मिलेगा, फसल जोखिम कम होगा और उत्पादन में स्थिरता आएगी। नकली बीज से होने वाले नुकसान में कमी आएगी और किसानों का भरोसा बाजार पर बढ़ेगा।



यह बदलाव सिर्फ़ कानून तक सीमित नहीं है। यह खेती के पूरे सिस्टम को ज्यादा जिम्मेदार और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम है। जब बीज सही होगा, तो फसल बेहतर होगी, आय बढ़ेगी और किसान का आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।



ये भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में गन्ना बीज पंजीकरण अनिवार्य: किसानों के लिए नई व्यवस्था लागू

Tags:
  • Seed Act 2026 India
  • New Seed Law India
  • Fake seeds problem India
  • Seed traceability QR code
  • Indian farmers seed law
  • Shivraj Singh Chouhan Seed Act
  • Seed quality regulation India
  • Agriculture reform India 2026
  • Farmer protection seed law
  • Certified seeds India