Heatwave in North: इन राज्यों में 4 से 6 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान, लू चलने की संभावना, किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
गर्मी का मौसम उत्तर भारत में दस्तक दे चुका है और पारा तेजी से चढ़ रहा है। आने वाले एक हफ्ते में तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी का असर और बढ़ेगा। इस बीच, किसानों के लिए अपनी फसलों की कटाई और नई बुवाई की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी गई है, ताकि वे बढ़ते तापमान और संभावित लू के प्रकोप के बीच अपनी फसलों की सुरक्षा और आय सुनिश्चित कर सकें।
गर्मी का बढ़ता प्रकोप और तापमान में वृद्धि
देश के मैदानी इलाकों में गर्मी का असर साफ दिखने लगा है।
- उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में अगले एक हफ्ते में तापमान में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है।
- उत्तर-पश्चिमी भारत में अधिकतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में गर्मी का सबसे ज्यादा असर दिखेगा, जहाँ तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
- 16 से 18 अप्रैल के बीच मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 'लू' (Heat Wave) चलने की गंभीर संभावना है।
- गुजरात और महाराष्ट्र के इलाकों में भी अगले दो-तीन दिनों में पारा तेजी से चढ़ेगा।
- ओडिशा में 14 से 16 अप्रैल के बीच भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की गई है।
इन राज्यों में चलेंगी धूल भरी हवाएं
- गर्मी के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में धूल भरी तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
- इन हवाओं की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो झोंकों के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के इलाकों में 13 और 14 अप्रैल को तेज सतही हवाएं चलने के आसार हैं।
- धूल भरी इन हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है, इसलिए बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
- नागरिकों को भी सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलते समय सावधानी बरतें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
खेती-किसानी के लिहाज से यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी गेहूं की फसल को नमी के स्तर के अनुसार सुखाने के बाद जल्द से जल्द कटाई पूरी कर लें। कटाई के बाद खाली खेतों में जायद सीजन की फसलें जैसे उड़द, मूंग और लोबिया की बुवाई करने का यह सही समय है। ये फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं और अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकती हैं। इसके अलावा, सब्जियों की खेती करने वाले किसान कद्दू, लौकी, तरोई, मिर्च, टमाटर और बैंगन जैसी फसलें लगाकर अपने आर्थिक नुकसान को कम कर सकते हैं।
यह सलाह किसानों को बढ़ते तापमान और संभावित लू के प्रकोप के बीच अपनी फसलों की सुरक्षा और आय सुनिश्चित करने में मदद करेगी। तापमान में अचानक वृद्धि से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान रखना आवश्यक है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और सीधे धूप में निकलने से बचें।