क्या वाकई किसानों की आय 8 गुना बढ़ी? शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में पेश किए सरकारी योजनाओं के आंकड़े
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में बताया कि मौजूदा सरकार किसानों की आय को सुरक्षित करने के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद, पीएम-आशा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, भावांतर भुगतान और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम जैसी योजनाओं से किसानों की आय दोगुनी से आठ गुना तक बढ़ी है। कृषि उत्पादन में भी करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
किसानों की आय बढ़ाने के सरकारी प्रयास
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादन में लगभग 44 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है और किसानों की उत्पादकता और आमदनी को बढ़ाने का एक बड़ा अभियान चलाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले की सरकारें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के नाम पर सिर्फ बहाने बनाती थीं, जबकि एनडीए सरकार ने उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ को ध्यान में रखकर एमएसपी तय करने का निर्णय लिया और उसे लागू किया है।
एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद और सक्रिय हस्तक्षेप
मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल एमएसपी घोषित कर देना ही काफी नहीं है, बल्कि उस पर वास्तविक खरीद कराना ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस दिशा में सरकार ने गेहूं, धान, दलहन और तिलहन जैसी कई फसलों की एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की है। उन्होंने बताया कि सरकार सिर्फ अनाज तक सीमित नहीं है, बल्कि दलहन, तिलहन, फल और सब्जियों के लिए भी सक्रिय हस्तक्षेप कर रही है, ताकि किसी भी फसल के दाम गिरने पर किसान को नुकसान न हो।
पीएम-आशा योजना: किसानों को सुरक्षा कवच
"प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान– पीएम‑आशा योजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके अंतर्गत उन फसलों को सुरक्षा दी जाती है जिनके दाम अक्सर एमएसपी के नीचे चले जाते हैं।" पीएम-आशा के तहत तीन तरह की व्यवस्थाएं हैं: प्राइस सपोर्ट स्कीम से दलहन और तिलहन की सीधी खरीद, मूल्य-अंतर भुगतान व्यवस्था से एमएसपी और बाजार भाव के बीच की खाई को पाटना, और जरूरत पड़ने पर अन्य माध्यमों से किसानों को संरक्षण देना।
प्राकृतिक आपदाओं में त्वरित राहत
महाराष्ट्र में हाल की प्राकृतिक आपदाओं के बारे में पूछे जाने पर, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र की डिजिटल व्यवस्था का उपयोग करके मात्र पांच दिनों के भीतर फार्मर आईडी के माध्यम से 14,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे। उन्होंने कहा, "भावांतर जैसी व्यवस्था के माध्यम से एमएसपी और बाजार भाव के बीच की पूरी की पूरी राशि सीधे किसान के खाते में डालने का विकल्प भी अपनाती है।"
भावांतर और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम का लाभ
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि दाम गिरने की स्थिति में सरकार केवल खरीद पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि भावांतर जैसी व्यवस्था के माध्यम से एमएसपी और बाजार भाव के बीच की पूरी राशि सीधे किसान के खाते में डालती है। मध्य प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना के जरिए किसानों की आय को सुरक्षा दी गई है। मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के माध्यम से जल्दी खराब होने वाले फल और सब्जियों के लिए भी मॉडल रेट तय किया जाता है, या तो सीधे खरीद की जाती है या फिर मॉडल रेट और बाजार भाव के अंतर को किसान के खाते में जमा किया जाता है। अंगूर, मिर्च, आलू, प्याज़, टमाटर जैसे उत्पादों के लिए, यदि दाम बहुत कम हों और किसान अपना माल बड़े शहरों की मंडियों तक ले जाना चाहें, तो ऐसे मामलों में परिवहन लागत तक का भार केंद्र सरकार उठा रही है।
समग्र खरीद व्यवस्था और आय में वृद्धि
मंत्री ने दोहराया कि किसान का पूरा उत्पाद ढंग से खरीदा जाए, इसके लिए एफसीआई, नेफेड, राज्य सरकारों की एजेंसियां और अन्य संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, "कृषि मंत्री के नाते पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह रहा हूं कि देश में कई किसानों की आय दोगुनी हुई है, केवल दोगुनी ही नहीं कई किसानों की आय तीन, चार आठ-आठ गुना बढ़ी है।" उन्होंने यह भी बताया कि पहले बिजली, सिंचाई और सड़कों की कमी थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। सिंचाई का विस्तार हुआ है और 24 घंटे बिजली मिल रही है, जिससे किसान साल में तीन-तीन फसलें उगाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं।
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों पर एनडीए का रुख
स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यूपीए सरकार ने खुद कहा था कि सिफारिशें लागू नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा "हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और होते हैं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को दबाने वाली यूपीए सरकार थी, जबकि एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद करने का काम एनडीए सरकार ने किया है।" उन्होंने बताया कि सरकार अब केवल अनाज ही नहीं, बल्कि फल और सब्जियों की भी सुध ले रही है और मिर्च और अंगूर तक की खरीद की है। बड़े शहरों में आलू, प्याज या टमाटर बेचने जाने वाले किसानों के परिवहन खर्च का भी सरकार वहन करेगी। उन्होंने किसान सम्मान निधि का भी जिक्र किया।
आपदाओं से निपटने में सरकार की तत्परता
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के प्रयासों का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि हाल ही में महाराष्ट्र में फसलों को हुए नुकसान के बाद सरकार ने रिकॉर्ड समय में मदद पहुंचाई है। "उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार ने तत्परता दिखाते हुए मात्र 5 दिनों के भीतर फार्मर आईडी के माध्यम से 14,000 करोड़ रुपये सीधे प्रभावित किसानों के खातों में पहुंचाए हैं।" उन्होंने आश्वासन दिया कि एसडीआरएफ के साथ-साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से भी किसानों की हर संभव मदद की जा रही है।