भारत में चीनी उत्पादन बढ़ा, महाराष्ट्र-कर्नाटक ने दिया बड़ा योगदान, अब तक 273.90 लाख मीट्रिक टन उत्पादन
भारत में चीनी उत्पादन 2025-26 सीजन के अंत के करीब पहुंचते-पहुंचते 273.90 लाख मीट्रिक टन (LMT) तक पहुंच गया है। 2025-26 सीजन में अब तक चीनी उत्पादन 7.70 प्रतिशत बढ़ा है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के अनुसार, 14 अप्रैल तक यह उत्पादन दर्ज किया गया है। इस सीजन में कुल 541 चीनी मिलों ने क्रशिंग में हिस्सा लिया, जिनमें से 520 मिलें अब तक बंद हो चुकी हैं। अधिकांश राज्यों में क्रशिंग का काम लगभग समाप्त हो चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और तमिलनाडु में अभी भी कुछ मिलें संचालन में हैं।
पिछले साल की तुलना में इस बार उत्पादन में सुधार
पिछले साल की तुलना में इस बार उत्पादन और रिकवरी दोनों में सुधार देखने को मिला है। पिछले सीजन की समान अवधि में उत्पादन 254.30 LMT था, जबकि इस बार यह बढ़कर 273.90 LMT हो गया है, यानी करीब 9.56% की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल चीनी रिकवरी दर 9.37% थी। सीजन 2025-26 में कुल 541 मिलें संचालित हुईं, जबकि 2024-25 में यह संख्या 534 थी। हालांकि, फिलहाल केवल 21 मिलें ही चालू हैं, जो पिछले साल इसी समय चल रही 35 मिलों के मुकाबले काफी कम है।
किस राज्य में कितना उत्पादन
राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो महाराष्ट्र में उत्पादन बढ़कर 99.20 LMT हो गया है, जो पिछले साल 80.65 LMT था। यहां रिकवरी दर 9.50% पर स्थिर रही। उत्तर प्रदेश में उत्पादन थोड़ा घटकर 89.20 LMT रह गया है, जो पिछले सीजन में 90.95 LMT था। हालांकि, यहां रिकवरी दर बढ़कर 10.20% हो गई है, जो पिछले साल 9.70% थी। कर्नाटक में भी उत्पादन बढ़कर 47.15 LMT हो गया है, जबकि पिछले साल यह 40.40 LMT था। यहां रिकवरी दर 8.50% से बढ़कर 8.60% हो गई है।
संघ ने बताया कि पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में क्रशिंग सीजन लगभग समाप्त हो चुका है, जबकि उत्तरी राज्यों में अभी भी कुछ मिलों में काम जारी है।