UP NEWS: 28 लाख छात्रों को मिलेगी 3350 करोड़ की छात्रवृत्ति, DBT के माध्यम से सीधे बैंक खातों में राशि होगी ट्रांसफर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में छात्रवृत्ति और पारिवारिक लाभ योजनाओं के तहत लगभग 3350 करोड़ रुपये की धनराशि का डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से ट्रांसफर करेंगे। इस कार्यक्रम में कक्षा 9-10 और दशमोत्तर कक्षाओं के कुल 27,99,982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में यह राशि भेजी जाएगी। यह पहल "वंचितों को वरीयता-कमजोर को प्राथमिकता" के संकल्प के साथ शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है।
विभिन्न वर्गों के छात्रों को मिलेगा लाभ
इस छात्रवृत्ति वितरण में-
| वर्ग | विद्यार्थियों की संख्या | धनराशि |
| अनुसूचित जाति | 6,68,707 | 467.94 करोड़ रुपये |
| सामान्य वर्ग | 4,95,793 | 779.10 करोड़ रुपये |
| अन्य पिछड़ा वर्ग | 13,52,357 | 1838.59 करोड़ रुपये |
| अल्पसंख्यक वर्ग | 2,75,889 | 252.76 करोड़ रुपये |
| अनुसूचित जनजाति | 7,236 | 11.61 करोड़ रुपये |
शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता
प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि योगी सरकार "वंचितों को वरीयता-कमजोर को प्राथमिकता" के अपने संकल्प पर चलते हुए शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम कर रही है। छात्रवृत्ति योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रणाली को ऑटोमेट (स्वचालित) किया जा रहा है।
सरल आवेदन प्रक्रिया के लिए मोबाइल ऐप
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया को और भी आसान बनाने के लिए एक मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है। यह ऐप छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने में मदद करेगा, जिससे अधिक से अधिक छात्र इन योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप है और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देता है।
डीबीटी से सीधा भुगतान, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित
डीबीटी के माध्यम से धनराशि का सीधा वितरण किया जाएगा। इसका मतलब है कि पैसा सीधे छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में पहुंचेगा, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो जाएगी। यह छात्रवृत्ति योजना छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करेगी और उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद करेगी। वित्तीय बाधाओं को दूर करके, सरकार छात्रों के शैक्षणिक बोझ को कम करने का प्रयास कर रही है।