UP NEWS: यूपी में किसानों से सीधे भूसा खरीदेगी सरकार, इस तारीख से शुरू होगा विशेष अभियान
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और गोवंश संरक्षण को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू करने जा रही है। इसके तहत 15 अप्रैल से विशेष भूसा संग्रह अभियान चलाया जाएगा, जिसमें किसानों से सीधे भूसा खरीदा जाएगा। इस योजना का उद्देश्य गौशालाओं में चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। साथ ही, इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
गौशालाओं से सीधे जुड़ेगा किसान, आसान होगी बिक्री प्रक्रिया
इस अभियान के तहत गौशालाओं के आसपास के किसानों से सीधे संपर्क कर भूसा खरीदा जाएगा। भूसा दान और खरीद दोनों माध्यमों से एकत्र किया जाएगा, ताकि लंबे समय तक चारे की उपलब्धता बनी रहे। किसानों को अपने नज़दीकी गौशाला या संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर भूसा बेचने की सुविधा दी जाएगी। विशेष रूप से गौशालाओं के आसपास के क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे किसानों को दूर नहीं जाना पड़े। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी और उनकी आय में इजाफा होगा।
चारे की कमी नहीं होने देने के निर्देश, साइलेज पर भी जोर
राज्य सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी गौशाला में भूसा और साइलेज की कमी न हो। गर्मी के मौसम को देखते हुए पहले से ही पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। कई ज़िलों में साइलेज टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द आपूर्ति शुरू होगी, जबकि अन्य जिलों में यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सरकार इस बार टेंडर प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए सख्त निगरानी कर रही है, ताकि समय पर चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
गोचर भूमि से बढ़ेगा चारा उत्पादन, किसानों को मिलेगा स्थिर बाज़ार
सरकार की योजना के तहत प्रत्येक गौशाला के चार किलोमीटर के दायरे में आने वाली गोचर भूमि को इससे जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर चारा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल न केवल गौवंश के लिए पौष्टिक आहार सुनिश्चित करेगी, बल्कि किसानों को भी एक स्थिर और विश्वसनीय बाज़ार उपलब्ध कराएगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी, वहीं गौशालाओं में चारे की आपूर्ति भी सुचारू रूप से बनी रहेगी।