जंगली जानवरों के हमले से जान-माल, फसल या संपत्ति की क्षति पर इस राज्य में मिलता है ₹10 लाख तक मुआवजा, इस नंबर पर करना होगा संपर्क
जंगल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों के हमले और फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे किसान और ग्रामीण परेशान हैं। हालांकि अब घबराने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार ने ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मुआवजा और सहायता राशि का स्पष्ट प्रावधान किया है, जिसके तहत प्रभावित लोगों को आर्थिक राहत दी जा रही है। सरकार की इस योजना का उद्देश्य किसानों और ग्रामीणों को नुकसान की भरपाई कर राहत पहुंचाना है।
फसल नुकसान पर बड़ा मुआवजा
बिहार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के नए प्रावधानों के तहत अब फसल क्षति को भी मुआवजे के दायरे में शामिल कर लिया गया है। इसके अनुसार, फसल खराब होने पर प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। अगर किसी किसान की 0.5 हेक्टेयर फसल नष्ट होती है, तो उसे 25,000 रुपये मिलेंगे। पहले फसल नुकसान पर मुआवजा नहीं मिलता था, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था।
जान-माल के नुकसान पर कितनी सहायता
जंगली जानवरों के हमले में मौत होने या स्थायी अक्षमता पर अब 10 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है, जो पहले 5 लाख रुपये था। गंभीर रूप से घायल होने पर 1.44 लाख रुपये और मामूली चोट लगने पर 24 हजार रुपये की सहायता राशि तय की गई है। इसके अलावा, पालतू पशु और मकान को हुए नुकसान का भी भुगतान नियमों के अनुसार किया जाएगा।
कैसे करें आवेदन
मुआवजा पाने के लिए किसानों को सबसे पहले अपने गांव के मुखिया को शिकायत देनी होगी। इसके बाद कृषि पदाधिकारी के पास जमीन के कागजात के साथ आवेदन करना होगा। संबंधित विभाग द्वारा जांच के बाद मुआवजा राशि सीधे जमीन मालिक के खाते में भेजी जाएगी। हालांकि बटाईदारों को लेकर कई बार विवाद की स्थिति बनती है।
कहां करें संपर्क
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के बताया है कि जंगली जानवरों द्वारा जान-माल, फसल या संपत्ति की क्षति होने पर बिहार सरकार द्वारा उचित सहायता राशि एवं मुआवजे का प्रावधान है। ऐसी किसी भी विपरीत परिस्थिति में धैर्य रखें और सहायता के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से संपर्क करें। अधिक जानकारी या सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-345-7252 पर संपर्क करें।