UP Economic Survey: आठ साल में दोगुनी से ज्यादा हुई यूपी की अर्थव्यवस्था, देश की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ प्रदेश - वित्त मंत्री

Gaon Connection | Feb 09, 2026, 18:54 IST
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उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पिछले आठ वर्षों में दोगुनी से अधिक होकर ₹30.25 लाख करोड़ के पार पहुँच गई है। आर्थिक समीक्षा 2025–26 में निवेश, प्रति व्यक्ति आय और बजट आकार में बड़े सुधार की तस्वीर सामने आई है।

<p>यूपी की आर्थिक समीक्षा 2025–26<br></p>

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने पिछले आठ वर्षों में तेज रफ्तार से विस्तार किया है। वर्ष 2016-17 में लगभग ₹13.30 लाख करोड़ की रही राज्य की अर्थव्यवस्था अब बढ़कर 2024-25 में ₹30.25 लाख करोड़ के पार पहुँच चुकी है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके ₹36 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान जताया गया है। यह जानकारी प्रदेश की आर्थिक समीक्षा 2025-26 में सामने आई, जिसे बजट सत्र के पहले दिन विधानमंडल में पेश किया गया।



वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पहली बार उत्तर प्रदेश की आर्थिक समीक्षा सदन में रखी। इस समीक्षा में राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश, प्रति व्यक्ति आय, राजकोषीय स्थिति और विभिन्न क्षेत्रों के योगदान की विस्तृत तस्वीर पेश की गई।



आर्थिक समीक्षा को बताया राज्य की प्रगति का दस्तावेज

सदन में समीक्षा पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि प्रदेश की प्रगति, जनता की आकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान का केंद्र रहा है, अब नई आर्थिक दृष्टि के साथ विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।



प्रदेश की अर्थव्यवस्था को उन्होंने 25 करोड़ से अधिक नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताते हुए कहा कि कृषि, उद्योग और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी से उभर रहा है।



निवेश का बदला माहौल, 50 लाख करोड़ से अधिक प्रस्ताव

आर्थिक समीक्षा में निवेश के मोर्चे पर बड़ा बदलाव दिखाया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि जो राज्य कभी निवेशकों की प्राथमिकता में नहीं था, वह अब औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन गया है। पारदर्शी नीतियों, समयबद्ध स्वीकृतियों और ‘ट्रिपल एस’ सुरक्षा, स्थिरता और गति की नीति के कारण प्रदेश को अब तक ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। यह बदलाव राज्य में निवेश वातावरण के सुधार और उद्योगों के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।



राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ा योगदान

आर्थिक समीक्षा के अनुसार, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान भी बढ़ा है। वर्ष 2016–17 में यह हिस्सा 8.6 प्रतिशत था, जो 2024–25 में बढ़कर 9.1 प्रतिशत तक पहुँच गया है। यह वृद्धि प्रदेश की आर्थिक मजबूती और देश की अर्थव्यवस्था में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।



प्रति व्यक्ति आय में बड़ा बदलाव

समीक्षा में बताया गया है कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय में भी ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2016-17 में प्रति व्यक्ति आय ₹54,564 थी, जो 2024-25 में बढ़कर ₹1,09,844 हो गई है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में इसके ₹1,20,000 तक पहुँचने का अनुमान है। राष्ट्रीय औसत के मुकाबले भी प्रदेश की स्थिति में सुधार हुआ है। वर्ष 2014–15 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत का केवल 50.2 प्रतिशत रह गई थी, जबकि 2024–25 में यह अनुपात बढ़कर 53.5 प्रतिशत तक पहुँच गया है।



तीनों क्षेत्रों में संतुलित विकास

आर्थिक समीक्षा के अनुसार, प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब केवल कृषि आधारित नहीं रह गई है। वर्ष 2024–25 में जीएसडीपी में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 25.8 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र की 27.2 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की 47 प्रतिशत रही है। यह आँकड़े बताते हैं कि राज्य में तीनों प्रमुख क्षेत्रों में संतुलित विकास हो रहा है और अर्थव्यवस्था बहु-आयामी स्वरूप ले रही है।



बजट आकार में तेज वृद्धि

प्रदेश के बजट आकार में भी पिछले वर्षों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2016-17 में राज्य का बजट ₹3.47 लाख करोड़ था, जो 2025-26 में बढ़कर ₹8.33 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है।



आर्थिक समीक्षा के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में बजट आकार में करीब ₹4.86 लाख करोड़ की वृद्धि हुई है, जो इससे पहले के आठ वर्षों की तुलना में कहीं अधिक तेज है।



पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी से विकास को गति

सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत व्यय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वर्ष 2016-17 में यह ₹69.79 हजार करोड़ था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹147.72 हजार करोड़ हो गया है। सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर अवसंरचना निर्माण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर पड़ा है।



वित्तीय अनुशासन की स्थिति

आर्थिक समीक्षा में राज्य की राजकोषीय स्थिति को संतुलित बताया गया है। सार्वजनिक ऋण-से-जीएसडीपी अनुपात वर्ष 2016-17 के 29.3 प्रतिशत से घटकर 2024–25 में 28 प्रतिशत हो गया है। इसे राष्ट्रीय और वैश्विक औसत की तुलना में बेहतर स्थिति बताया गया है।



कर राजस्व में ढाई गुना वृद्धि

प्रदेश का अपना कर राजस्व भी तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2016-17 में ₹0.86 लाख करोड़ का स्टेट ओन टैक्स रेवेन्यू था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹2.09 लाख करोड़ हो गया है। आर्थिक समीक्षा में इसे कर सुधारों और प्रशासनिक दक्षता का परिणाम बताया गया है।



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