Weather Alert: 3 मार्च से देश के कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और गर्मी का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 मार्च और उसके बाद के दिनों के लिए देश भर के मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वोत्तर भारत और पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की उम्मीद है, जबकि मैदानी और पश्चिमी तटीय इलाकों में तापमान बढ़ेगा और उमस भरी गर्मी महसूस होगी। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव और बढ़ते तापमान के कारण हो रहा है, जिसके चलते किसानों के लिए विशेष सलाह भी जारी की गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम
पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी है। 3 मार्च को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बिजली गिरने और आंधी आने की संभावना है। इन राज्यों में 2 और 3 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सिक्किम में 3 मार्च की सुबह तक घना कोहरा छाया रह सकता है।
पहाड़ों में बारिश की संभावना
पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने वाला है। 4 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा, और 6 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर में 4 से 8 मार्च के बीच हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 7 और 8 मार्च को बारिश या बर्फबारी की संभावना है, जबकि उत्तराखंड में 8 मार्च को मौसम बदल सकता है और हल्की बारिश या बर्फबारी देखने को मिल सकती है।
तटीय राज्यों में बढ़ी उमस
पश्चिमी तटों पर रहने वाले लोगों को गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है। कोंकण और गोवा में 4 और 5 मार्च को कुछ इलाकों में ऐसा मौसम रहने की संभावना है। गुजरात में 4 से 6 मार्च और फिर 8 मार्च को भी गर्म और उमस भरी स्थिति बनी रह सकती है। गुजरात में अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
इन राज्यों में भई बढ़ेगी गर्मी
उत्तर-पश्चिम भारत, जैसे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की उम्मीद है। विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री सेल्सियस ऊपर जा सकता है। मध्य भारत और महाराष्ट्र में भी अगले कुछ दिनों में तापमान 2-4 डिग्री बढ़ने के आसार हैं।
किसानों के लिए सलाह
बढ़ते तापमान को देखते हुए, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी है। गेहूं और सरसों की फसल वाले किसानों को सलाह दी गई है कि वे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की सिंचाई करें, खासकर जब फसल फूलने और दाने भरने की अवस्था में हो। हिमाचल प्रदेश में टमाटर और शिमला मिर्च के लिए पॉलीहाउस में हवा का संचार बनाए रखने की सलाह दी गई है। गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए पोल्ट्री शेड की छतों को घास से ढकने और पशुओं को पीने के लिए साफ और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।