"गेहूं और धान की खरीदी जल्दी होगी शुरू, बारिश और ओलावृष्टि से पक चुकी फसलों को नुकसान पर होगा आंंकलन": शिवराज सिंह चौहान
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने फसल खरीद के लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर वीडियो शेयर करते हुए कहा- "इस वर्ष देश में फसलों का उत्पादन बंपर हुआ है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी की उम्मीद है।" इसी को ध्यान में रखते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गेहूं और धान की सरकारी खरीदी जल्द शुरू की जाएगी। इसके साथ ही तुअर, मसूर और उड़द जैसी दलहनी फसलों की भी पूरी तरह से खरीद सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
किसानों के लिए राहत
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसान जितनी उपज बेचना चाहेंगे, सरकार उतनी ही खरीदी करने के लिए तैयार है। यह घोषणा खासतौर पर उन किसानों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें अक्सर मंडियों में दाम और खरीद को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सरकार का यह कदम किसानों की आय को सुरक्षित रखने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
उपज का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद
सरकार के इस कदम से न सिर्फ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि मंडियों में होने वाली भीड़ और बिचौलियों की समस्या भी कम हो सकती है। बंपर उत्पादन के बावजूद अगर समय पर खरीदी नहीं होती, तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन इस घोषणा से उनकी चिंता काफी हद तक कम हो गई है। कुल मिलाकर, बंपर उत्पादन के बीच यह फैसला किसानों के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी और किसानों का भरोसा सरकार की नीतियों पर और बढ़ेगा।
बारिश-ओलावृष्टि से फसल नुकसान पर एक्शन में शिवराज
शिवराज ने मीडिया को बताया कि आज देशभर की कृषि स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। कई राज्यों में असमय बारिश और ओलावृष्टि से पक चुकी फसलों को नुकसान पहुँचा है। राज्यों से तुरंत संपर्क कर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। SDRF के तहत राज्य सरकारें राहत दे रही हैं, वहीं फसल बीमा योजना के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वैज्ञानिक तरीके से सर्वे कर किसानों को राहत उपलब्ध कराई जाए।
किसानों की सुविधा के लिए मोबाइल खरीद
केंद्र सरकार ने इस बार 6500 खरीद केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, गाँव स्तर पर किसानों की सुविधा के लिए मोबाइल खरीद केंद्र भी तैनात किए जाएंगे। केंद्रों पर तौल, बारदाना, छाँव और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार यूपी में गेहूं की बुवाई 95 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हुई है। इससे करीब 425 लाख टन उत्पादन का अनुमान है। ऐसे में गेहूं खरीद का लक्ष्य भी 12 लाख टन से अधिक रहने की संभावना है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अधिक किसानों के जुड़ने की उम्मीद है।
गेहूं का MSP बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल
केंद्र सरकार ने इस बार गेहूं का MSP बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। यह पिछले साल 2425 रुपये था। किसानों को 160 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। बढ़े MSP, बेहतर सुविधाओं और रिकॉर्ड उत्पादन के चलते इस बार यूपी में गेहूं खरीद सीजन किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।