Wheat Procurement: इस राज्य में 10 और 15 अप्रैल से MSP पर गेहूं खरीद शुरू, किसानों को मिलेगा उचित मूल्य
मध्यप्रदेश सरकार ने रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं खरीद की पूरी तैयारी कर ली है। सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदेगी। इसको लेकर सोमवार को एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें सभी तैयारियों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए।
मध्य प्रदेश में MSP खरीद का मूल्य
गेहूं की MSP खरीद का सरकारी मूल्य 2585 रूपए प्रति कुंतल है, जिस पर एमपी में 40 रूपए बोनस के रूप में अधिक देना तय हुआ है। कुल मिलाकर मध्य-प्रदेश में गेहूं की MSP खरीद का मूल्य 2625 रूपए प्रति कुंतल है। इस फैसले से किसानों को अपनी फसल का सही दाम समय पर मिलेगा। साथ ही प्रदेश में अनाज का स्टॉक मजबूत रहेगा, जिससे खाद्य सुरक्षा भी बनी रहेगी।
संभागों के अनुसार खरीद की तारीखें तय
वैश्विक हालातों को देखते हुए, सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान और सुचारू खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल संभागों में 10 अप्रैल से और प्रदेश के बाकी संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें खरीदी केंद्रों की स्थापना, भंडारण क्षमता, परिवहन व्यवस्था और भुगतान प्रक्रिया को मजबूत बनाना शामिल है।
समय पर भुगतान पर जोर
बैठक में खासतौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि किसानों को उनके गेहूं का पैसा समय पर मिले। इसके लिए डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और बेहतर बनाने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों से गेहूं खरीद की प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाए, ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
वैश्विक हालात को लेकर सतर्कता
खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि समय पर और व्यवस्थित गेहूं खरीद से न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि प्रदेश में खाद्यान्न प्रबंधन भी मजबूत होगा। साथ ही, बदलते वैश्विक हालातों के बीच यह कदम राज्य की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार ने दुनिया में चल रहे हालात, खासकर मध्य पूर्व के तनाव को देखते हुए खाद्यान्न भंडारण और आपूर्ति पर भी ध्यान दिया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश में अनाज की कमी न हो।