UP NEWS: भूसा टेंडर को लेकर सरकार सख्त, कई जिलों में प्रक्रिया तेज हुई
योगी सरकार ने गोवंश की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है। भूसा और साइलेज (पशुओं के लिए संरक्षित चारा) की कमी न हो, इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को तेज किया गया है। कई जिलों में टेंडर पूरे हो चुके हैं और बाकी जिलों में भी काम तेजी से चल रहा है। सरकार चाहती है कि गोआश्रय स्थलों (गौशालाओं) में चारे का पर्याप्त भंडार हो, खासकर गर्मी के मौसम को देखते हुए। किसानों से सीधे भूसा खरीदने को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे उन्हें भी फायदा होगा।
भूसा टेंडर में आई तेजी
छह जिलों में साइलेज के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गोआश्रय स्थलों पर चारे की कोई कमी न हो। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए भूसा और चारे का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। शासन स्तर से लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी बनी रहे।
किसानों से सीधी खरीद को बढ़ावा
योगी सरकार किसानों से सीधे भूसा खरीद को बढ़ावा दे रही है। इससे गोआश्रय स्थलों को समय पर चारा मिलेगा और किसानों को भी उनकी उपज का अच्छा दाम मिलेगा। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद करेगा। सरकार ने भूसा और साइलेज की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। आपूर्ति किए जाने वाले चारे की नियमित जांच होगी, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर न पड़े।
विशेष भूसा संग्रह अभियान
15 अप्रैल से दान एवं क्रय के माध्यम से विशेष भूसा संग्रह अभियान शुरू किया जाएगा। हर गो-आश्रय स्थल के 4 किलोमीटर के दायरे में गोचर भूमि को जोड़कर चारा उगाने का काम बढ़ाया जाएगा। शासन स्तर से लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बनी रहे। सरकार की सख्ती से टेंडर प्रक्रिया में देरी नहीं हो रही है। योगी सरकार के इस सक्रिय रुख से गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं बेहतर होने की उम्मीद है। समय पर चारा मिलने से पशुओं की देखभाल अच्छी होगी और किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।