पिता रिक्शा चालक हैं, माँ घरों में काम करती है, बेटे ने एथलेटिक्स में बनाए कई नेशनल रिकॉर्ड

गाँव कनेक्शन | Sep 06, 2017, 14:53 IST

लखनऊ। कहते हैं यदि इंसान में लगन और जुनून हो तो मंजिल हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता। इस बात को सबित किया है दिल्ली के निसार अहमद ने जिन्होंने हाल ही में दिल्ली में आयोजित स्टेट एथेलेटिक्स में दो गोल्ड मेडल जीते। दिल्ली के निसार अहमद ने दिल्ली स्टेट एथेलेटिक्स में 100 मीटर की रेस सिर्फ 11 सेकंड में पूरी की, पुराना रेकॉर्ड 11.02 सेकंड का था। वहीं 200 मीटर की रेस में भी उन्होंने 22.08 सेकंड में पूरी कि जोकि पिछले रिकॉर्ड से 0.3 सेकंड कम है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अहमद निसार आज़ादपुर के रेलवे स्टेशन के बड़े बाग स्लम में ठीक रेल की पटरी के किनारे 10 बाई 10 के एक कमरे में पूरे परिवार के साथ रहते हैं। निसार के पिता मोहम्मद हक उर्फ ननकू उसी इलाके में रिक्शा चलाते हैं और मां शफीकुंनिशा आसपास के घरों सफाई का काम करती हैं। इस स्प्रिंट रेस चैंपियन का दौड़ का सफर चार साल पहले अशोक विहार- 2 के गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकंडरी स्कूल से शुरू हुआ था। निसार कहते हैं, “स्कूल में मेरे टैलंट को मेरे फिजिकल एजुकेशन टीचर सुरेंद्र कुमार ने पकड़ा।

उन्होंने मुझे काफी मोटिवेट किया, एक्सरसाइज बताईं, यहां तक दूध पीने के लिए पैसे तक दिए। मैं आज रोज 6-6 घंटे एक्सरसाइज और प्रैक्टिस करता हूं। वहीं निसार की गुरु सुनीता राय हैं जो बिना फीस लिए उन्हें कोचिंग दे रही हैं। इससे पहले निसार ने इसी साल दिल्ली स्टेट ऐथलिटिक में 100 मीटर रेस में गोल्ड और 400 मीटर में सिल्वर मेडल भी जीता था। निसार ने ऑल इंडिया स्कूल लेवल के लिए क्वालीफाई करने के लिए निसार ने अंडर 14 इंटर जोन भी खेले। साल 2016 में निसार ने स्कूल नैशनल गेम्स-कालीकट में दो गोल्ड और दो ब्रॉन्ज जीता था।



अपने माता-पिता के साथ निसार।

दोस्त करते हैं मालिश

निसार कहते हैं, हौसला टूटता है जब 6 घंटे की प्रैक्टिस के बाद मैं रात में सोने जाता हूं और पूरा शरीर दर्द करता है। मगर मैं रुक नहीं सकता क्योंकि मेरे कोच, मेरे दोस्त और घरवाले मेरे साथ हैं और मुझे चैंपियन के तौर पर देखना चाहते हैं। राजधानी कॉलेज से पढ़ रहे निसार के दोस्त करण कहते हैं, हम उससे छत्रसाल स्टेडियम में ही मिले थे। इस कंडीशन में उसमें इतना दम है, इसलिए उसे हम हारने नहीं दे सकते। करण नाम के ही उनके दूसरे दोस्त हंसते हुए कहते हैं, हम तो उसकी मालिश भी कर देते हैं, उसे चैंपियन जो बनना है।

हारना नहीं, कॉमनवेल्थ है टारगेट

निसार ने 2014-15 में नैशनल लेवल पर खेला और सेमी फाइनल तक पहुंचे। इंटर जोनल लेवल पर कई रिकॉर्ड बनाए। 2016 में स्कूल नैशनल गेम्स-कालीकट में दो गोल्ड और दो ब्रॉन्ज जीते। इसी साल दिल्ली स्टेट एथलिटिक मीट में 100 मीटर में गोल्ड और 400 मीटर में सिल्वर मेडल उनके नाम रहा। पिछले तीन साल में हर बार उन्हें बेस्ट ऐथलीट का खिताब मिला है। निसार कई बार अपने घर के हालात के बीच हताश हो जाते हैं मगर छत्रसाल स्टेडियम में उनकी ऐथलेटिक्स ट्रेनर सुनीता राय उन्हें रुकने नहीं देतीं। वह कहती हैं, हम उसे अकेला नहीं छोड़ सकते। उसका जूनियर नैशनल गेम्स के लिए चुनाव हो चुका है, मुझे यकीन है कि वो इंटरनैशनल लेवल पर कॉमनवेल्थ, ओलिंपिक्स के लिए जा सकता है।





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