• छत्तीसगढ़ : ग्रामीणों की मदद के लिए सीआरपीएफ के जवानों ने नाले पर बनाया पुल

    सुकमा (छत्तीसगढ़)। नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र के लोगों का बरसात के मौसम में गाँव से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता, लेकिन सीआरपीएफ के जवानों की मदद से इस बार वो गाँव से निकल पाएंगे। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अन्तर्गरत नक़्सल प्रभावित सुकमा जिले के छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर बसे गांव धर्मापेंटा में...

  • आदिवासियों का आम उत्सव होता है 'मरका पंडुम'

    कांकेर (छत्तीसगढ़)। प्रकृति का उत्सव मनाने के लिए आदिवासी अलग-अलग पर्व मनाते हैं, उसी में से एक पर्व है 'मरका पंडुम'। इस पर्व में हजारों आदिवासी एक जगह पर इकट्ठा होकर उत्सव मनाते हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 120 किमी की दूरी पर उत्तर बस्तर कांकेर में बस्तर संभाग के आदिवासी हजारों की तादात...

  • इन गाँवों तक नहीं पहुंच पाती सरकारी योजनाएं

    कांकेर (छत्तीसगढ़)। इन्हें न फसल बीमा योजना के बारे में पता है न ही दूसरी योजनाओं के बारे में, इन्हें बस इतना पता है कि उनके बैंक खाते से पैसे कट जाते हैं, लेकिन क्यों कटते हैं ये नहीं पता। कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी. दूर पलेवा ग्राम पंचायत डिजिटल ग्राम पंचायत हो गया है। लेकिन यहां पर...

  • फसलों को बर्बाद कर रहा लाल पानी, ग्रामीण करेंगे चुनाव का बहिष्कार

    बालोद (छत्तीसगढ़)। खदान की पहाड़ी से नीचे बहकर आने वाला लाल पानी ने फसलों को बर्बाद कर दिया है, पानी से परेशान ग्रामीण पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और इस बार चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं। बालोद जिले के विधानसभा क्षेत्र के कुमुड़कट्टा और नलकसा के ग्रामीण पिछले 47 साल से लाल पानी की...

  • पोस्टमार्टम करने वाली महिला की कहानी ...

    नरहरपुर (कांकेर, छत्तीसगढ़)। पोस्टमार्टम हाउस ऐसी जगह जहां जाने में अच्छे-अच्छे लोग भी घबरा जाते हैं, लेकिन वहीं पर एक महिला बिना झिझके और डरे लाशों का पोस्टमॉर्टम करती है। छत्तीसगढ़ प्रदेश के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के नरहरपुर ब्लॉक की संतोषी दुर्गा आज महिलाओं को लिए एक मिसाल बनी हैं।...

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