By Ankit Kumar Singh
From cattle dying after drinking water from the polluted river to an increased incidence of diseases, the daily lives of almost 5,000 rural residents are impacted by the dumping of industrial effluents from Varanasi's agro-park. A ground report.
From cattle dying after drinking water from the polluted river to an increased incidence of diseases, the daily lives of almost 5,000 rural residents are impacted by the dumping of industrial effluents from Varanasi's agro-park. A ground report.
By Ankit Kumar Singh
वाराणसी की पिंडारा विधानसभा क्षेत्र में बहने वाली एक छोटी सी नदी फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे, केमिकल युक्त अपशिष्ट के चलते नाला बन गई है। गांव के लोगों के मुताबिक नदी इतनी दूषित हो गई है, अगर पशु और कुत्ते इस नदी में चले जाते हैं तो उनके बाल झड़ जाते हैं। पढ़िए "क्या कहता है गांव" सीरीज की अगली कड़ी
वाराणसी की पिंडारा विधानसभा क्षेत्र में बहने वाली एक छोटी सी नदी फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे, केमिकल युक्त अपशिष्ट के चलते नाला बन गई है। गांव के लोगों के मुताबिक नदी इतनी दूषित हो गई है, अगर पशु और कुत्ते इस नदी में चले जाते हैं तो उनके बाल झड़ जाते हैं। पढ़िए "क्या कहता है गांव" सीरीज की अगली कड़ी
By Ankit Kumar Singh
स्मार्ट क्लास से पहले ब्लाइंड विद्यार्थी ब्रेल बुक का इस्तेमाल करते थे। इसके लिए उन्हें लाइब्रेरी जाना पड़ता था। लेकिन अब स्मार्ट क्लास शुरू होने के बाद उनके ऑर्बिट रीडर उपकरण में सभी सुविधा उपलब्ध कराया गया है।
स्मार्ट क्लास से पहले ब्लाइंड विद्यार्थी ब्रेल बुक का इस्तेमाल करते थे। इसके लिए उन्हें लाइब्रेरी जाना पड़ता था। लेकिन अब स्मार्ट क्लास शुरू होने के बाद उनके ऑर्बिट रीडर उपकरण में सभी सुविधा उपलब्ध कराया गया है।
By Ankit Kumar Singh
कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े, इसलिए गुजरात के दाहोद जिले के अध्यापक संजय चौहान ने अपनी कार को ही 'शिक्षा रथ' में बदल दिया है। वह हर दिन लिखने-पढ़ने का सामान लेकर सुबह रुवाबरी गाँव बच्चों को पढ़ाने के लिए पहुंच जाते हैं।
कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े, इसलिए गुजरात के दाहोद जिले के अध्यापक संजय चौहान ने अपनी कार को ही 'शिक्षा रथ' में बदल दिया है। वह हर दिन लिखने-पढ़ने का सामान लेकर सुबह रुवाबरी गाँव बच्चों को पढ़ाने के लिए पहुंच जाते हैं।
By Ankit Kumar Singh
बिहार के कैमूर जिले के शिवमुनि 12 सालों से सब्जी की खेती कर रहे हैं। किराये की जमीन पर भी खेती करते हुए उन्होंने और किसानों से अलग अपनी पहचान बनाई है।
बिहार के कैमूर जिले के शिवमुनि 12 सालों से सब्जी की खेती कर रहे हैं। किराये की जमीन पर भी खेती करते हुए उन्होंने और किसानों से अलग अपनी पहचान बनाई है।
By Ankit Kumar Singh
पिछले कुछ साल मे पंगेसियस मछली का बाजार बढ़ा है, इसकी सबसे खास बात होती है ये जल्दी तैयार भी हो जाती है।
पिछले कुछ साल मे पंगेसियस मछली का बाजार बढ़ा है, इसकी सबसे खास बात होती है ये जल्दी तैयार भी हो जाती है।
By Ankit Kumar Singh
धान की रोपाई की परंपरागत विधि में लागत भी ज्यादा लगती है और उत्पादन भी उतना नहीं मिल पाता है, लेकिन श्री विधि से धान की रोपाई में समय के साथ लागत भी कम लगती है और उत्पादन भी ज्यादा मिलता है।
धान की रोपाई की परंपरागत विधि में लागत भी ज्यादा लगती है और उत्पादन भी उतना नहीं मिल पाता है, लेकिन श्री विधि से धान की रोपाई में समय के साथ लागत भी कम लगती है और उत्पादन भी ज्यादा मिलता है।
By Ankit Kumar Singh
By Ankit Kumar Singh
By Ankit Kumar Singh