ग्रामीण महिलाओं के लिए बड़ा बैंकिंग तोहफा! इंडिया पोस्ट बैंक ने लॉन्च किया ज़ीरो बैलेंस ‘SHG सेविंग्स अकाउंट’, मिलेगी तिमाही ब्याज की सुविधा
ग्रामीण भारत में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने एक खास पहल की है। बैंक ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए विशेष सेविंग्स अकाउंट लॉन्च किया है जो पूरी तरह जीरो बैलेंस और जीरो चार्ज के साथ आता है। इस खाते का मकसद ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
महिलाओं को मिलेगा सीधा फायदा
IPPB के एमडी और सीईओ आर. विश्वेश्वरन ने कहा कि यह खाता महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बैंक का लक्ष्य है कि देश के हर कोने में आसान, सस्ती और भरोसेमंद बैंकिंग सुविधा पहुंचे। डोरस्टेप बैंकिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए SHG को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने और उनकी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
क्या हैं इस खाते के प्रमुख फायदे
- खाता खोलने के लिए कोई न्यूनतम बैलेंस जरूरी नहीं
- मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) की शर्त नहीं
- कैश जमा और निकासी पर कोई चार्ज नहीं
- हर महीने एक फ्री अकाउंट स्टेटमेंट
- खाता बंद करने पर कोई शुल्क नहीं
- अधिकतम बैलेंस सीमा **₹2 लाख तक
- बचत पर तिमाही आधार पर ब्याज भुगतान
यह खाता पूरी तरह कम लागत वाला और ग्रामीण समूहों के लिए बेहद सुविधाजनक है।
क्या हैं खास फीचर्स
- खाता पूरी तरह डिजिटल ऑनबोर्डिंग के साथ आसान प्रक्रिया में खुलेगा
- देशभर के पोस्ट ऑफिस नेटवर्क और डाकिया/ग्रामीण डाक सेवक (GDS) के जरिए सेवा उपलब्ध
- डोरस्टेप बैंकिंग से गांव-गांव तक सुविधा
- QR कार्ड जारी करने पर भी कोई शुल्क नहीं
- 13 भाषाओं में उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसान उपयोग
ग्रामीण विकास और SHG को मिलेगा बढ़ावा
स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं और यह पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और नाबार्ड (NABARD) जैसी योजनाओं से भी जुड़ी है। IPPB अपने विशाल डाक नेटवर्क (1.65 लाख पोस्ट ऑफिस और 3 लाख कर्मचारियों) के जरिए देश के दूर-दराज इलाकों तक बैंकिंग पहुंचा रहा है। यह नया SHG सेविंग्स अकाउंट महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ डिजिटल और समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।