West Bengal Elections 2026: महिलाओं का वोट किसके साथ? ममता बनर्जी की वापसी या बड़ा उलटफेर! जानें क्या बोलीं बॉर्डर के पास रहने वाली महिलाएं
West Bengal Elections 2026: महिलाओं का वोट किसके साथ? ममता बनर्जी की वापसी या बड़ा उलटफेर! जानें क्या बोलीं बॉर्डर के पास रहने वाली महिलाएं

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती गांवों में महिलाओं की पहली पसंद शांति और आपसी सौहार्द है। वे राज्य सरकार की योजनाओं से खुश हैं। ममता बनर्जी की योजनाओं से महिलाओं को सुरक्षा और सुविधाएं मिली हैं। लक्ष्मी भंडार, रूपश्री और कन्याश्री जैसी योजनाओं ने उन्हें सशक्त बनाया है। महिलाएं विकास और आपसी मेलजोल को महत्व देती हैं।

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती गांवों में महिलाओं की पहली पसंद शांति और आपसी सौहार्द है। वे राज्य सरकार की योजनाओं से खुश हैं। ममता बनर्जी की योजनाओं से महिलाओं को सुरक्षा और सुविधाएं मिली हैं। लक्ष्मी भंडार, रूपश्री और कन्याश्री जैसी योजनाओं ने उन्हें सशक्त बनाया है। महिलाएं विकास और आपसी मेलजोल को महत्व देती हैं।

Bengal Elections 2026 Ground Report : बंगाल की महिलाओं का वोट किसके साथ? ममता बनर्जी की वापसी या बड़ा उलटफेर !
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Bengal Elections 2026 Ground Report : बंगाल की महिलाओं का वोट किसके साथ? ममता बनर्जी की वापसी या बड़ा उलटफेर !

By Gaon Connection

पश्चिम बंगाल में जल्द ही वोटिंग होने वाली है। 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी। इस बीच ‘गाँव कनेक्शन’ की टीम ग्राउंड पर पहुंची और आम जनता का मन टटोला। जानिए, बंगाल की महिलाएं किसे और किन मुद्दों के आधार पर वोट देंगी। क्या एक बार फिर ममता बनर्जी की अगुवाई में TMC बाजी मार पाएगी? जानिए पूरी रिपोर्ट।

पश्चिम बंगाल में जल्द ही वोटिंग होने वाली है। 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी। इस बीच ‘गाँव कनेक्शन’ की टीम ग्राउंड पर पहुंची और आम जनता का मन टटोला। जानिए, बंगाल की महिलाएं किसे और किन मुद्दों के आधार पर वोट देंगी। क्या एक बार फिर ममता बनर्जी की अगुवाई में TMC बाजी मार पाएगी? जानिए पूरी रिपोर्ट।

West Bengal Voter List: वोटर लिस्ट से क्यों कट रहे हैं नाम? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से माँगी रिपोर्ट, क्या योग्य मतदाता वोट दे पाएंगे?
West Bengal Voter List: वोटर लिस्ट से क्यों कट रहे हैं नाम? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से माँगी रिपोर्ट, क्या योग्य मतदाता वोट दे पाएंगे?

By Gaon Connection

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से जुड़े मामले पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि वह आज ही कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मांगेगी। मामला उन अपीलीय न्यायाधिकरणों से जुड़ा है, जिन्हें वोटर लिस्ट से नाम हटने पर शिकायत सुनने के लिए बनाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से जुड़े मामले पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि वह आज ही कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मांगेगी। मामला उन अपीलीय न्यायाधिकरणों से जुड़ा है, जिन्हें वोटर लिस्ट से नाम हटने पर शिकायत सुनने के लिए बनाया गया था।

Why Bengal declining : वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष सरकार के साथ पश्चिम बंगाल राजनीति पर गाँव कनेक्शन की विशेष बातचीत
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Why Bengal declining : वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष सरकार के साथ पश्चिम बंगाल राजनीति पर गाँव कनेक्शन की विशेष बातचीत

कभी देश राजनैतिक और आर्थिक राजधानी रहा बंगाल कैसे समय के साथ-साथ अपना वैभव खोता रहा। अंग्रेजों के जमाने से ये व्यापार का केंद्र था, लेकिन धीरे-धीरे यहां की इंडस्ट्री खत्म होती रहीं। इसकी शुरुआत हुई बंगाल के विभाजन से। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष सरकार ने सुनाई पूरी कहानी। बंगाल को कैसे यहां की राजनीति से नुकसान हुआ?

कभी देश राजनैतिक और आर्थिक राजधानी रहा बंगाल कैसे समय के साथ-साथ अपना वैभव खोता रहा। अंग्रेजों के जमाने से ये व्यापार का केंद्र था, लेकिन धीरे-धीरे यहां की इंडस्ट्री खत्म होती रहीं। इसकी शुरुआत हुई बंगाल के विभाजन से। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष सरकार ने सुनाई पूरी कहानी। बंगाल को कैसे यहां की राजनीति से नुकसान हुआ?

आज के नक्सलवाद से कितना अलग था 'Naxal Movement'? जानें नक्सलबाड़ी की दीपू हल्दर की जुबानी पूरी कहानी
आज के नक्सलवाद से कितना अलग था 'Naxal Movement'? जानें नक्सलबाड़ी की दीपू हल्दर की जुबानी पूरी कहानी

By Gaon Connection

नक्सलबाड़ी आंदोलन का आरंभ एक गहरी जमीनी और अधिकार की लड़ाई से हुआ था। दीपू हलदर बताती हैं कि यह हक का संघर्ष था जो किसानों और मजदूरों के लिए खड़ा हुआ। 1967 में जब गोलीकांड हुआ, तब यह आंदोलन और भी तीव्र हो गया। जमींदारों के शोषण के खिलाफ एक शक्तिशाली आवाज के रूप में सामने आया।

नक्सलबाड़ी आंदोलन का आरंभ एक गहरी जमीनी और अधिकार की लड़ाई से हुआ था। दीपू हलदर बताती हैं कि यह हक का संघर्ष था जो किसानों और मजदूरों के लिए खड़ा हुआ। 1967 में जब गोलीकांड हुआ, तब यह आंदोलन और भी तीव्र हो गया। जमींदारों के शोषण के खिलाफ एक शक्तिशाली आवाज के रूप में सामने आया।

WEST BENGAL ELECTION 2026: नक्सलबाड़ी में भारत-नेपाल बॉर्डर पर खुला रास्ता! ग्राउंड रिपोर्ट में दिखी आवाजाही, बांग्लादेशी घुसपैठ पर बड़े सवाल
WEST BENGAL ELECTION 2026: नक्सलबाड़ी में भारत-नेपाल बॉर्डर पर खुला रास्ता! ग्राउंड रिपोर्ट में दिखी आवाजाही, बांग्लादेशी घुसपैठ पर बड़े सवाल

By Gaon Connection

पश्चिम बंगाल में भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ का मुद्दा गरमाया हुआ है। नक्सलबाड़ी में जमीनी हकीकत बताती है कि लोग आसानी से सीमा पार करते हैं। नेपाली महिलाएं सब्जी खरीदने भारत आती हैं। यह खुलापन सुरक्षा के लिए चुनौती पेश करता है। सीमा पर आवाजाही सामान्य है, लेकिन यह राजनीतिक बहस को तेज करती है।

पश्चिम बंगाल में भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ का मुद्दा गरमाया हुआ है। नक्सलबाड़ी में जमीनी हकीकत बताती है कि लोग आसानी से सीमा पार करते हैं। नेपाली महिलाएं सब्जी खरीदने भारत आती हैं। यह खुलापन सुरक्षा के लिए चुनौती पेश करता है। सीमा पर आवाजाही सामान्य है, लेकिन यह राजनीतिक बहस को तेज करती है।