पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती गांवों में महिलाओं की पहली पसंद शांति और आपसी सौहार्द है। वे राज्य सरकार की योजनाओं से खुश हैं। ममता बनर्जी की योजनाओं से महिलाओं को सुरक्षा और सुविधाएं मिली हैं। लक्ष्मी भंडार, रूपश्री और कन्याश्री जैसी योजनाओं ने उन्हें सशक्त बनाया है। महिलाएं विकास और आपसी मेलजोल को महत्व देती हैं।
पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती गांवों में महिलाओं की पहली पसंद शांति और आपसी सौहार्द है। वे राज्य सरकार की योजनाओं से खुश हैं। ममता बनर्जी की योजनाओं से महिलाओं को सुरक्षा और सुविधाएं मिली हैं। लक्ष्मी भंडार, रूपश्री और कन्याश्री जैसी योजनाओं ने उन्हें सशक्त बनाया है। महिलाएं विकास और आपसी मेलजोल को महत्व देती हैं।
By Gaon Connection
पश्चिम बंगाल में जल्द ही वोटिंग होने वाली है। 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी। इस बीच ‘गाँव कनेक्शन’ की टीम ग्राउंड पर पहुंची और आम जनता का मन टटोला। जानिए, बंगाल की महिलाएं किसे और किन मुद्दों के आधार पर वोट देंगी। क्या एक बार फिर ममता बनर्जी की अगुवाई में TMC बाजी मार पाएगी? जानिए पूरी रिपोर्ट।
पश्चिम बंगाल में जल्द ही वोटिंग होने वाली है। 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी। इस बीच ‘गाँव कनेक्शन’ की टीम ग्राउंड पर पहुंची और आम जनता का मन टटोला। जानिए, बंगाल की महिलाएं किसे और किन मुद्दों के आधार पर वोट देंगी। क्या एक बार फिर ममता बनर्जी की अगुवाई में TMC बाजी मार पाएगी? जानिए पूरी रिपोर्ट।
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सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से जुड़े मामले पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि वह आज ही कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मांगेगी। मामला उन अपीलीय न्यायाधिकरणों से जुड़ा है, जिन्हें वोटर लिस्ट से नाम हटने पर शिकायत सुनने के लिए बनाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से जुड़े मामले पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि वह आज ही कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मांगेगी। मामला उन अपीलीय न्यायाधिकरणों से जुड़ा है, जिन्हें वोटर लिस्ट से नाम हटने पर शिकायत सुनने के लिए बनाया गया था।
कभी देश राजनैतिक और आर्थिक राजधानी रहा बंगाल कैसे समय के साथ-साथ अपना वैभव खोता रहा। अंग्रेजों के जमाने से ये व्यापार का केंद्र था, लेकिन धीरे-धीरे यहां की इंडस्ट्री खत्म होती रहीं। इसकी शुरुआत हुई बंगाल के विभाजन से। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष सरकार ने सुनाई पूरी कहानी। बंगाल को कैसे यहां की राजनीति से नुकसान हुआ?
कभी देश राजनैतिक और आर्थिक राजधानी रहा बंगाल कैसे समय के साथ-साथ अपना वैभव खोता रहा। अंग्रेजों के जमाने से ये व्यापार का केंद्र था, लेकिन धीरे-धीरे यहां की इंडस्ट्री खत्म होती रहीं। इसकी शुरुआत हुई बंगाल के विभाजन से। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष सरकार ने सुनाई पूरी कहानी। बंगाल को कैसे यहां की राजनीति से नुकसान हुआ?
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नक्सलबाड़ी आंदोलन का आरंभ एक गहरी जमीनी और अधिकार की लड़ाई से हुआ था। दीपू हलदर बताती हैं कि यह हक का संघर्ष था जो किसानों और मजदूरों के लिए खड़ा हुआ। 1967 में जब गोलीकांड हुआ, तब यह आंदोलन और भी तीव्र हो गया। जमींदारों के शोषण के खिलाफ एक शक्तिशाली आवाज के रूप में सामने आया।
नक्सलबाड़ी आंदोलन का आरंभ एक गहरी जमीनी और अधिकार की लड़ाई से हुआ था। दीपू हलदर बताती हैं कि यह हक का संघर्ष था जो किसानों और मजदूरों के लिए खड़ा हुआ। 1967 में जब गोलीकांड हुआ, तब यह आंदोलन और भी तीव्र हो गया। जमींदारों के शोषण के खिलाफ एक शक्तिशाली आवाज के रूप में सामने आया।
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पश्चिम बंगाल में भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ का मुद्दा गरमाया हुआ है। नक्सलबाड़ी में जमीनी हकीकत बताती है कि लोग आसानी से सीमा पार करते हैं। नेपाली महिलाएं सब्जी खरीदने भारत आती हैं। यह खुलापन सुरक्षा के लिए चुनौती पेश करता है। सीमा पर आवाजाही सामान्य है, लेकिन यह राजनीतिक बहस को तेज करती है।
पश्चिम बंगाल में भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ का मुद्दा गरमाया हुआ है। नक्सलबाड़ी में जमीनी हकीकत बताती है कि लोग आसानी से सीमा पार करते हैं। नेपाली महिलाएं सब्जी खरीदने भारत आती हैं। यह खुलापन सुरक्षा के लिए चुनौती पेश करता है। सीमा पर आवाजाही सामान्य है, लेकिन यह राजनीतिक बहस को तेज करती है।