पीएम किसान सम्मान निधि का लोगो बना कर आप भी जीत सकते हैं इनाम, यहाँ जानिए कैसे?

गाँव कनेक्शन | Jun 15, 2023, 09:13 IST
Share
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय एक नई प्रतियोगिता लेकर आया है, जिसमें आप पीएम किसान सम्मान निधि का लोगो डिज़ाइन कर सकते हैं। इस प्रतियोगिता के लिए आप अपनी एंट्री 30 जून तक भेज सकते हैं।
#kisan samman nidhi
पीएम किसान सम्मान निधि का लोगो बना कर आप भी जीत सकते हैं इनाम
अगर आप भी ग्राफिक्स डिज़ाइनर हैं और कुछ नया करना चाहते हैं तो कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय आपके लिए प्रतियोगिता लेकर आया है। इस प्रतियोगिता में आपको पीएम सम्मान निधि का लोगो बनाने का मौका मिल रहा है।

चलिए इस प्रतियोगिता के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

प्रतियोगिता की मेज़बानी कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय कर रहा है। प्रतिभागी www.mygov.in पर पंजीकरण कराकर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। आप एक ही एंट्री भेज सकते हैं, अगर आप एक से अधिक एंट्री भेजते हैं तो आप इस प्रतियोगिता से बाहर हो जाएँगे।

एंट्री भेजने के लिए आपको नाम, ई-मेल आईडी, फोटो और मोबाइल नंबर जैसे विवरण बताने होंगे। अधूरी एंट्री मान्य नहीं होगी।

एक बार जमा करने के बाद एंट्री वापस नहीं ली जा सकती।

प्रतिभागियों को केवल जेपीईजी/जेपीजी/पीएनजी प्रारूप में लोगो अपलोड करना होगा। लोगो को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डिजाइन किया जाना चाहिए।

लोगो वेबसाइट/सोशल मीडिया जैसे ट्विटर/फेसबुक और एडिट प्लेटफार्म पर प्रयोग करने योग्य होना चाहिए, जैसे प्रेस विज्ञप्ति, स्टेशनरी, आदि।

लोगो कम से कम 300 डीपीआई के साथ हाई रेजोल्यूशन में होना चाहिए। विजेताओं को मंत्रालय द्वारा किए गए किसी भी प्रचार में अपने नाम के उपयोग के लिए अपनी सहमति साझा करनी होगी।

विजेताओं की घोषणा या तो ईमेल के माध्यम से या MyGov ब्लॉग पर उनके नामों की घोषणा के माध्यम से की जाएगी। विजेताओं के रूप में चयनित नहीं होने वाली प्रविष्टियों की प्रतिभागियों को कोई सूचना नहीं दी जाएगी।

MyGov के पास प्रतियोगिता को रद्द करने या संशोधित करने का अधिकार सुरक्षित है। प्रविष्टियाँ जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून है। जमा करने से पहले प्रतियोगिता के नियमों और शर्तों को ध्यान से ज़रूर पढ़ लें।

MyGov उन प्रविष्टियों के लिए कोई जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करेगी जो खो गई हैं, देर से आई हैं या अधूरी हैं। विजेता को 11,000 रुपए पुरस्कार के तौर पर मिलेंगे।

Tags:
  • kisan samman nidhi