गिरावट का सिलसिला थमा, हल्की बढ़त के साथ बंद हुए निफ्टी-सेसेंक्स, निवेशकों ने कमाए करीब ₹3 लाख करोड़
13 मई को भारतीय शेयर बाजार में आखिरकार 4 दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। दिनभर भारी उतार-चढ़ाव के बाद बाजार हरे निशान में बंद हुआ और निवेशकों की संपत्ती करीब 3 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई. पिछले 4 दिनों से बाजार लगातार गिर रहा था। निवेशकों का पैसा डूब रहा था और डर का माहौल बना हुआ था। लेकिन आज बाजार ने थोड़ी वापसी की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। BSE Sensex 49 अंक यानी 0.07% की बढ़त के साथ 74,608 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 करीब 33 अंक यानी 0.14% चढ़कर 23,412 के स्तर पर बंद हुआ।
मार्केट कैप बढ़ा
13 मई को BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 455.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 458.50 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों की कुल संपत्ति करीब 2.72 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। हालांकि बाजार में दिनभर काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआत में बाजार तेजी से ऊपर गया, लेकिन बाद में बिकवाली भी आई। आखिर में बाजार संभल गया और हरे निशान में बंद हुआ।
बाजार को सबसे ज्यादा सपोर्ट किस सेक्टर से मिला
आज Metal सेक्टर में जोरदार तेजी देखने को मिली। Nifty Metal इंडेक्स करीब 3.18% चढ़ा और दिन का सबसे मजबूत सेक्टर बना। इसके अलावा Consumer Durables और Oil & Gas सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी के पीछे एक बड़ी वजह रही कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है लेकिन फिलहाल तेल की कीमतों में राहत मिलने से बाजार को थोड़ा सपोर्ट मिला।
सबसे ज्यादा चमकने वाले शेयर
Nifty 50 में Asian Paints, Adani Enterprises और Tata Steel सबसे बड़े गेनर्स रहे। इन शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। लेकिन दूसरी तरफ कुछ शेयरों में गिरावट भी जारी रही। Eicher Motors, Mahindra & Mahindra और Infosys सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में शामिल रहे।
अगर सेक्टर की बात करें, तो IT सेक्टर में दबाव बना रहा। Nifty IT करीब 1.13% गिरा। वहीं Auto सेक्टर में भी करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई। Bank Nifty भी हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
आगे बाजार किस दिशा में जा सकता है?
फिलहाल बाजार पूरी तरह ग्लोबल खबरों पर नजर बनाए हुए है। निवेशकों की नजर अब इन चीजों पर बनी रहेगी।
- कच्चे तेल की कीमतों
- अमेरिका-ईरान तनाव
- विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री
- और रुपये की चाल
अगर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता है या तेल और महंगा होता है, तो बाजार पर फिर दबाव आ सकता है। लेकिन अगर हालात सुधरते हैं, तो बाजार में और रिकवरी देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: 'गाँव कनेक्शन' किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।