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अब बिना आधार कार्ड नहीं बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस

अब बिना आधार कार्ड नहीं बनेगा ड्राइविंग लाइसेंसआधार कार्ड

लखनऊ। देश में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंसों पर लगाम लगाने के लिए आखिर केंद्र सरकार ने आधार कार्ड को अनिवार्य करते हुए नियमों में किए गए बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी है। मसलन अब बिना आधार कार्ड के कोई भी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवा सकेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने हालांकि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करते हुए आसान कर दिया है, लेकिन फर्जी लाइसेंस पर लगाम कसने के मकसद से पहचान के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है।

आधार को प्राथमिक दस्तावेज बनाते हुए मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की है। हालांकि सरकार ने आरटीओ कार्यालयों को पहले ही नेशनल इंफॉमैटिक्स सेंटर यानि एनआईसी से जोड़ दिया था, जिसमें आरटीओ का रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और अन्य सभी डेटा को अपलोड़ किया गया है।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, "हम ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से लिंक करेंगे। धोखाधड़ी रोकने के लिए ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी से बात हुई है। इसके पहले हम पैन को आधार से जोड़ चुके हैं। इससे मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने में कामयाबी मिली है। आज आधार की डिजिटल आइडेंटिटी से लोगों की फिजिकल आइडेंटिटी आसानी से पता लगाई जा सकती है। डिजिटल गवर्नेंस ही गुड गवर्नेंस है।"

नए नियम से आपको ये होगा फायदा

दस्तावेजों की झंझट नहीं

लाइसेंस बनवाने के लिए वोटर आईडी, पासपोर्ट, एलआईसी जैसे दस्तावेजों की जरूरत नहीं होगी। आधार कार्ड ही काफी होगा। जरुरी दस्तावेजों की सूची में आधार को सबसे ऊपर रखा गया है।

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लर्निंग-परमानेंट लाइसेंस बनवाना होगा आसान

अभी लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस के लिए अलग आवेदन करना पड़ता है। नई व्यवस्था के तहत दोनों दोनों लाइसेंस के लिए एक बार एक ही आवेदन करना होगा।

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मेडीकल सर्टिफिकेट जरूरी नहीं

लाइसेंस के लिए मेडीकल सर्टिफिकेट लगाने की झंझट भी नहीं होगी। लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान 40 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों को ही मेडिकल सर्टिफिकेट जरूर देना होगा। 0

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फर्जीवाड़े पर भी लगेगी रोक

लाइसेंस प्रक्रिया आधार जरुरी करने से फर्जी लाइसेंस पर भी रोक लगेगी। बताया जाता है कि गंभीर सड़क हादसों में जिम्मेदार या अन्य कारणों से वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया जाता है। लेकिन कई वाहन चालक फर्जी तरीके से दूसरे जिले या राज्य में जाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लेते थे।

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बायोमेट्रिक रिकार्ड में सेव होगा डाटा

आधार अनिवार्य किए जाने के बाद आधार नम्बर लाइसेंस के आवेदन फार्म में शामिल होगा। आधार नम्बर परिवहन विभाग की बेवसाइट में बायोमेट्रिक रिकार्ड और एनआईसी (नेशनल इंफामेटिक्स सेंटर) में अपलोड होगा। यदि किसी का लाइसेंस निलंबित किया गया है वो व्यक्ति दोबारा लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा तो पकड़ा जाएगा।

राघवेन्द्र सिंह, एआरटीओ।

अभी तो पते के प्रमाण के रूप में जो भी आई डी निर्धारित की गई है अगर उनमें से कोई भी है तो लाइसेंस बन सकता है। हांलांकि आधार आवश्यक कर दिया गया है ऐसी जानकारी नहीं आई है अगर आती है तो इसे लागू कर दिया जाएगा।
राघवेन्द्र सिंह, एआरटीओ, लखनऊ

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इनका कहना है

मप्र परिवहन विभाग आयुक्त डॉ.शीलेन्द्र श्रीवास्तव बताते हैं, “ ड्राइविंग लाइसेंस में आधार कार्ड का प्राथमिकता के साथ अनिवार्य किया जा रहा है। लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया भी आसान होगी। मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर नियमों में बदलाव किया जा रहा है। केन्द्रीय परिवहन मंत्रालय ने आवेदन का प्रारुप जारी कर दावे-आपत्ति बुलवाई है। जिनका निपटारा होते ही नई व्यवस्था संभवत: एक से डेढ़ माह में लागू कर दी जाएगी।

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