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यूपी: कोरोना से निपटने के लिए बनी टीम-9, जानिए किसे मिली ऑक्सीजन और किसे इलाज की जिम्मेदारी

यूपी: कोरोना से निपटने के लिए बनी टीम-9, जानिए किसे मिली ऑक्सीजन और किसे इलाज की जिम्मेदारी

सीएम ने कहा कि कोई भी मरीज सुविधानुसार किसी भी सरकारी अथवा निजी अस्पताल में इलाज के लिए बेड की उपलब्धता के आधार पर भर्ती हो सकता है। फोटो: अरेंजमेंट

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। कोविड-19 के भीषण चपेट में आए उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए टीम-9 का गठन किया गया था। पिछले साल कोरोना से निपटने के लिए यूपी में मुख्यमंत्री की अगुवाई में टीम-11 ने काम किया था। नई टीम 9 में चिकित्सा मंत्री की टीम दवा और बेड़ का प्रबंधन देखेगी तो अपर मुख्य सचिव गृह के जिम्मे ऑक्सीजन है। वहीं किसान और दूसरे कृषि कार्यों के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टीम वर्क का ही परिणाम था कि पिछले लहर में यूपी सुरक्षित रहा था, सबके सहयोग से हम कोरोना के खिलाफ जंग जीतेंगे।

कोरोना दूसरी लहर उत्तर प्रदेश में लाखों लोगों को अपनी चपेट में लिया है। 30 अप्रैल तक के यूपी सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 4 करोड़ 7 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है। गूगल के लाइव अपडेट (करोना वायरस स्टैटिक्स) के मुताबिक इस दौरान 12 लाख से ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आए हैं, जिसमें से 8 लाख 96 हजार लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं जबकि 12338 लोगों की मौत हुई है।

यूपी के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने 30 अप्रैल को मीडिया को बताया कि पिछले 24 घंटे में 34626 नए मामले सामने आए हैं जबकि 32494 मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं इस प्रकार प्रदेश में अब तक कुल 928971 से अधिक लोग कोविड संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।

शुक्रवार को लखनऊ में वर्चुअल माध्यम से एक हाईलेवल मीटिंग में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड की अब तक लड़ाई में हमारी टीम-11 ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। टीम वर्क का ही परिणाम है कि कोविड की पिछली लहर में उत्तर प्रदेश सुरक्षित रहा। बदलती परिस्थितियों के दृष्टिगत टीम-11 चुको पुनर्गठित करते हुए नई टीम-9 का गठन किया गया है। टीम-9 राज्य स्तर पर कोविड प्रबन्धन की विभिन्न गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएगी। यह टीम नीतिगत निर्णय लेते हुए इन फैसलों को लागू कराएगी।"

टीम-11 की तरह ये टीम 9 भी जिलों से संवाद और रिपोर्ट लेकर भी सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेगी और मुख्यमंत्री इसकी नियमित समीक्षा करेंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवध शिल्पग्राम में बने डीआरडीओ के कोविड अस्पताल के आईसीयू वार्ड व अन्य तैयारियों का लिया जायजा। फोटो: ट्वीटर

कौन क्या करेगा

चिकित्सा शिक्षा मंत्री की टीम- बेड, टीकाकरण, दवाएं, किट, एंबुलेंस आदि संभालेगी

चिकित्सा शिक्षा मंत्री की टीम द्वारा कोविड बेड्स, मानव संसाधन की उपलब्धता, प्रशिक्षण और टीकाकरण से जुड़े कार्य देखेगी। इसमें अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा भी शामिल होंगे। स्वास्थ्य मंत्री की टीम जीवन रक्षक दवाओं, मेडिकल किट, टेस्टिंग, एम्बुलेंस से जुड़े कार्यों को देखेगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेन्टर की मॉनिटरिंग भी इनकी जिम्मेदारी होगी। इसमें स्वास्थ्य राज्य मंत्री और अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य भी होंगे।

अपर मुख्य सचिव गृह के जिम्मे ऑक्सीजन और करोना कर्फ्यू

टीम 9 में अपर मुख्य सचिव गृह प्रदेश में ऑक्सीजन की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और प्रमुख सचिव परिवहन के सहयोग से कार्य करेंगे। कंटेनमेंट जोन, लॉ एंड ऑर्डर, कोरोना कर्फ्यू, साप्ताहिक बन्दी, कोविड प्रोटोकॉल के प्रवर्तन के लिए पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में कार्य होगा।

अपर मुख्य सचिव पंचायती राज- सैनिटाइजेशऩ और निगरानी समितियों की मॉनिटरिंग

टीम-9 में अपर मुख्य सचिव पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास की टीम स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फॉगिंग कार्य और निगरानी समितियों की मॉनिटरिंग एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम नियमित रूप से लागू कराने का कार्य देखेंगे।


कृषि उत्पादन आयुक्त को खेती और पशुपालन के कार्य

कोविड-19 और लॉकडाउऩ के दौरान खेती और किसानों से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी कृषि उत्पादन आयुक्त को सौंपी गई है। कृषि उत्पादन आयुक्त, किसान हित के कार्य, गन्ना, खाद्यान्न वितरण, पशुपालन और कृषि आदि संबंधित कार्यों का सुचारु क्रियान्वयन कराएंगे

उद्योग चलते रहे, इसकी जिम्मेदारी उठाएँगे विकास आयुक्त

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होंगे। औद्योगिक इकाइयों से इनका सीधा संवाद होग।

अपर मुख्य सचिव राजस्व के जिम्मे श्रमिक

अपर मुख्य सचिव राजस्व प्रवासी श्रमिकों तथा क्वारन्टीन सेन्टर से संबंधित कार्य देखेंगीं, अपर मुख्य सचिव सूचना टीम-9 के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल तथा डिजिटल मीडिया में कोविड प्रबंध कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रयास सुनिश्चित कराएंगे।

हाईलेवल मीटिंग में सीएम ने कहा कि किसी भी सरकारी अथवा निजी अस्पताल में कोरोना मरीज को भर्ती होने के लिए रेफरल लेटर की कोई आवश्यकता नहीं है। कोई भी मरीज सुविधानुसार किसी भी सरकारी अथवा निजी अस्पताल में इलाज के लिए बेड की उपलब्धता के आधार पर भर्ती हो सकता है। बेड रिक्त होने पर कोई कोविड हॉस्पिटल (निजी और सरकारी) मरीज को भर्ती करने से इनकार नहीं कर सकता। निजी चिकित्सालय में यदि कोई मरीज इलाज का खर्च दे पाने में असमर्थ है तो राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत उसका भुगतान करेगी।

सीएम ने कहा कि प्रदेश की रिकवरी दर में लगातार सुधार हो रहा है। सभी प्रदेशवासी कोविड अनुकूल व्यवहार को जीवनशैली में शामिल करें। इस क्षमता को और विस्तार दिए जाने की जरूरत है।

आज से 18 साल के ऊपर के लोगों का टीकाकरण शुरु

उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में 18 वर्ष से ऊपर के लोगों का टीकाकरण शुरु हो गया है। वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य है। टीकाकरण केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाए। 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के टीकाकरण के साथ-साथ, 6000 से अधिक केंद्रों पर 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के टीकाकरण पहले की तरह जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने इस बैठक में कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियाशील सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाए। प्राथमिकता के आधार पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराया जाएं। प्रत्येक जिले में दो सीएचसी को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह कार्य तेजी से पूरा किया है। इन केंद्रों पर 20-20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। भारत सरकार द्वारा 1500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मुहैया कराए गए हैं, इन्हें जनपदों में उपलब्ध करा दिया गया है।

सरकारी बयान में कहा गया है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की प्रदेश में उपलब्धता तय की जा रही है। सभी जनपदों को हर दिन रेमडेसिविर उपलब्ध कराई जा रही है। सरकारी अस्पतालों में यह दवा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, निजी अस्पतालों को जरूरत पर इसकी आपूर्ति कराई जा रही है।

प्रदेश में वर्तमान में 1,16,000 से अधिक एल-1 के बेड हैं, तो एल-2 व एल-3 के 65,000 से अधिक बेड हैं। इसके साथ-साथ निजी अस्पतालों मेडिकल कॉलेज को भी इसमें जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड कार्य में आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। मेडिकल/नर्सिंग/फार्मेसी के अंतिम वर्ष के छात्रों का सहयोग लिया जाए। एक्स आर्मी मैन, सेवानिवृत्त मेडिकल स्टाफ की सेवाएं ली जानी चाहिए।

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