By Devinder Sharma
किसानों को बढ़ते हुए कर्ज की समस्या से उबारने के लिए सार्थक प्रयासों की आवश्यकता है। इसके लिए आवश्यक है कि कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के निवेश में वृद्धि हो और इसके साथ ही किसानों की बेहतर आय सुनिश्चित की जाए।
किसानों को बढ़ते हुए कर्ज की समस्या से उबारने के लिए सार्थक प्रयासों की आवश्यकता है। इसके लिए आवश्यक है कि कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के निवेश में वृद्धि हो और इसके साथ ही किसानों की बेहतर आय सुनिश्चित की जाए।
By Devinder Sharma
पूरी दुनिया में किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य देना अभी भी सबसे बड़ी चुनौती है। विकसित देशों में आजमाए गए सभी प्रयास किसी भी वादे को पूरा करने में विफल रहे हैं। इससे किसानों की मुश्किल में इजाफा ही हुआ है।
पूरी दुनिया में किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य देना अभी भी सबसे बड़ी चुनौती है। विकसित देशों में आजमाए गए सभी प्रयास किसी भी वादे को पूरा करने में विफल रहे हैं। इससे किसानों की मुश्किल में इजाफा ही हुआ है।
By Devinder Sharma
चाहे पर्यावरणीय विनाश हो या भारी आर्थिक असमानता, कोरोना संकट के इस दौर में सरकार को मजबूत आर्थिक व्यवस्था बनाने की ओर तत्काल आगे बढ़ना चाहिए, जहां बहुसंख्य आबादी रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित ना हो।
चाहे पर्यावरणीय विनाश हो या भारी आर्थिक असमानता, कोरोना संकट के इस दौर में सरकार को मजबूत आर्थिक व्यवस्था बनाने की ओर तत्काल आगे बढ़ना चाहिए, जहां बहुसंख्य आबादी रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित ना हो।
By Devinder Sharma
अनिवार्य रूप से शुरू में यह सुनिश्चित करना होगा कि कृषि विश्वविद्यालय अपने अनुसंधान कार्यक्रमों को इस तरह से बनाएं जो रासायनिक चीजों को इस्तेमाल न करने पर आधारित हों। इसके लिए मानसिकता परिवर्तन जरूरी है जिसमें कुछ समय भी लग सकता है लेकिन निश्चित तौर पर यह असंभव नहीं है।
अनिवार्य रूप से शुरू में यह सुनिश्चित करना होगा कि कृषि विश्वविद्यालय अपने अनुसंधान कार्यक्रमों को इस तरह से बनाएं जो रासायनिक चीजों को इस्तेमाल न करने पर आधारित हों। इसके लिए मानसिकता परिवर्तन जरूरी है जिसमें कुछ समय भी लग सकता है लेकिन निश्चित तौर पर यह असंभव नहीं है।
By Devinder Sharma
उर्वरता में गिरावट: खेती वाली जमीन की उर्वरता में इतनी गिरावट आई है कि मुझे पूरा भरोसा है कि भारत के शहरी इलाकों में मौजूद बाग और स्थानीय पार्क खेतिहर इलाकों से ज्यादा स्वस्थ और पोषकता से भरपूर होंगे।
उर्वरता में गिरावट: खेती वाली जमीन की उर्वरता में इतनी गिरावट आई है कि मुझे पूरा भरोसा है कि भारत के शहरी इलाकों में मौजूद बाग और स्थानीय पार्क खेतिहर इलाकों से ज्यादा स्वस्थ और पोषकता से भरपूर होंगे।
By Devinder Sharma
पिछले दो वर्षों में कृषि आय में वास्तविक वृद्धि लगभग शून्य रही है, इससे पहले भी जब नीति आयोग ने अनुमान लगाया था कि 2011-12 से 2015-16 के पांच वर्षों के दौरान वास्तविक कृषि आय प्रति वर्ष आधा पर्सेंट से कम की दर से बढ़ रही थी।
पिछले दो वर्षों में कृषि आय में वास्तविक वृद्धि लगभग शून्य रही है, इससे पहले भी जब नीति आयोग ने अनुमान लगाया था कि 2011-12 से 2015-16 के पांच वर्षों के दौरान वास्तविक कृषि आय प्रति वर्ष आधा पर्सेंट से कम की दर से बढ़ रही थी।
By Devinder Sharma
नई सरकार के लिए जो समस्याएं सबसे पहले हल करनी जरूरी हैं, उसमें लगातार बढ़ती बेरोजगारी प्रमुख है। अर्थव्यवस्था के सभी उद्देशयों को मजबूत करना प्रधानमंत्री की प्राथमिकता होगी, लेकिन कृषि में आए संकट को दूर करना प्राथमिकता में पहले स्थान पर होगी।
नई सरकार के लिए जो समस्याएं सबसे पहले हल करनी जरूरी हैं, उसमें लगातार बढ़ती बेरोजगारी प्रमुख है। अर्थव्यवस्था के सभी उद्देशयों को मजबूत करना प्रधानमंत्री की प्राथमिकता होगी, लेकिन कृषि में आए संकट को दूर करना प्राथमिकता में पहले स्थान पर होगी।
By Devinder Sharma
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