Gurpreet Singh

Gurpreet Singh

साइकिलिंग चैंपियन और पेशे से इंजीनियर गुरुप्रीत सिंह कबाड़ से रोचक चीजें बनाते हैं। उपरोक्त लेख में उनके निजी विचार हैं।


  • कबाड़ से कलाकारी: कंटेनर के रिंग से बनाइए सुन्दर नम्बर प्लेट

    लखनऊ। हम कई सारी चीज़े अक्सर खराब जानकर फेंक देते हैं लेकिन इन चीज़ों से आप कई सुन्दर और उपयोगी सामान बना सकते हैं। हर बार 'कबाड़ से कलाकारी' में आप कुछ नया बनाना सीखते हैं। 'कबाड़ से कलाकारी' की इस कड़ी में सीखिए कैसे आप एक कंटेनर की खराब पड़ी रिंग से बना सकते हैं सुन्दर और आकर्षक दिखने वाली नम्बर...

  • कबाड़ से कलाकारी: सूखी पत्तियों से बनाएं खूबसूरत फ्रेम

    हर बेकार पड़ी वस्तु में कोई न कोई संभावना छिपी होती है। कोई भी चीज बेकार नहीं होती, सिर्फ नजरिए का फर्क होता है। बात करें सर्दियों में पेड़ से गिरी रंग बिरंगी पत्तियों की तो इनसे भी एक बेहत खूबसूरत फोटो फ्रेम बना सकते हैं।सर्दियों के मौसम में सड़क पर अलग-अलग रंग के बहुत से पत्ते गिरते हैं। जो देखने...

  • कबाड़ से कलाकारी: ऐसे उगाएं पुराने जूतों में फ़ूल

    हम सब के साथ ऐसा होता है, जब कुछ चीज़ें हमें इतनी पसंद होती हैं कि जब वो इस्तेमाल के क़ाबिल नहीं भी रहतीं, तब भी हमारा उन को फेकने का मन नहीं करता। बड़े शौक़ से जो ख़रीदा होता है उनको। मेरे साथ तो अकसर ऐसा होता है। फ़िर ऐसी चीज़ें घर के किसी स्टोर में गुमनामी की ज़िंदगी जीतीं हैं। ऐसी ही कुछ चीज़ों को...

  • कबाड़ से कलाकारी: सूखी तोरई से बनाइये चमचमाते झूमर या लैंप

    सब्ज़ी बनाने के अलावा तोरई से हम एक खूबसूरत लैंप या झूमर बना सकते हैं. कैसे? बता रहे हैं गुरप्रीत सिंह इन तस्वीरों और वीडियो में..सूखी, पीली पड़ चुकी कुछ तोरियों को इकठ्ठा कर लें इस तरह से तोरई के छिलके उतार लें अब उसके स्लाइसेस काट लें और एक जगह इकठ्ठा कर...

  • यदि आप हमारे गांव मेले में नहीं आ पाए तो इन तस्वीरों को ज़रूर देखें

    लखनऊ। गाँव कनेक्शन के छः वर्ष पूरे वर्ष लगे मेले में अगर आप नहीं आ पाए तो कोई बात नही। हम आपके लिए मेला लायें हैं, तस्वीरों के रूप में। गुरप्रीत सिंह की तस्वीरों में देखिये गाँव के मेले कि रंग-बिरंगी, जीवंत झलकियाँ।इन तस्वीरों के ज़रिये कीजिये गांव मेला सैर आखिरी बार कंचे कब खेले थे?छोटे...

  • कबाड़ से कलाकारी में इस बार हम बना रहे हैं एक कलात्मक फ़ूलदान

    हर बेकार पड़ी वस्तु में कोई न कोई संभावना छिपी होती है। कोई भी चीज बेकार नहीं होती, सिर्फ नजरिए का फर्क होता है। बेकार लगने वाली टेस्ट-ट्यूब्स, खराब ट्यूब लाइट, बेकार सा लकड़ी का टुकड़ा- इन तीनों की जुगलबंदी से मिलकर एक आर्टिस्टिक फ़ूलदान या सजीला दृश्य भी बन सकता है।आपको चाहिए: लकड़ी के टुकड़े,...

  • अखबार से बनाइए डस्टबिन बैग, पॉलीथीन की कीजिए छुट्टी

    आजकल पर्यावरण की स्वच्छता को लेकर लोग काफी जागरुक हो गए हैं, खासकर प्लास्टिक या पॉलीथीन के इस्तेमाल को लेकर। कई जगहों पर इनके इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है। इसके बावजूद कुछ जगह आपको लगता है कि प्लास्टिक का विकल्प खोज पाना मुश्किल है। ऐसी ही एक चीज है रसोई घर के डस्टबिन में लगाई जाने वाली काले रंग...

  • कभी सोचा था आपने कि वजन तौलने वाली मशीन समय बताने वाली घड़ी बन जाएगी

    हर चीज में कोई न कोई संभावना छिपी होती है। फर्क सिर्फ इतना ही है किसी को वह दिखाई देती है और किसी को नहीं। बहुत मुमकिन है जो चीज आपको बेकार लग रही है हो सकता है कि वह किसी और के लिए बड़े काम की साबित हो। मसलन, आपके घर में वह टूटी हुई वजन तौलने की मशीन जिसके बारे में आप यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि...

  • कबाड़ से कलाकारी में इस बार, तार से बनाइए तीन संगीतकार

    कबाड़ से कलाकारी करते-करते आप यह तो समझ ही गए होंगे कि कोई भी चीज बेकार नहीं होती, सिर्फ नजरिए का फर्क होता है। बेकार लगने वाली एल्युमिनियम फॉइल, एल्युमिनियम या तांबे का तार, बेडौल सा लकड़ी का टुकड़ा- इन तीनों की जुगलबंदी से मिलकर फ्यूजन म्यूजिक का छोटा सा सजीला दृश्य भी बन सकता है। तो इस बार बनाइए...

  • सूखी बेल और जड़ों को जोड़कर बनेगा अनोखा लैंपशेड

    आपके किचन गार्डन या छत पर बने छोटे से बगीचे में कभी-कभी कुछ ऐसी चीजें निकल आती हैँ जो पहली नजर में एकदम बेकार नजर आती हैं। जैसे, सूखी हुई बेलें, किसी पुराने टूटे गमले में उस पौधे की जड़ें जो बरसों से लगा था फिर अचानक सूख गया। जब भी आप उसे फेंकने चले तो उससे जुड़ी कोई याद आ गई और आपने उसे छत के कोने...

  • इन्हें फेंकिएगा नहीं, हम बताएंगे कैसे बढ़ाएं इनसे अपने घर की खूबसूरती

    हम भारतीय भले ही फ्रिज का इस्तेमाल करने लगे हों लेकिन हर गर्मियों में एक न एक घड़ा या सुराही जरूर खरीदते हैं। इनका इस्तेमाल है भी अच्छा, ईकोफ्रेंडली हैं ना। लेकिन जल्द ही इनमें से कोई चटक जाता है या कोई कहीं टूट-फूट जाता है। फिर हम या तो उसे आंगन, छत या लॉन में औंधा करके रख देते हैं, बहुत हुआ तो...

  • इस जन्माष्टमी पर कंकड़-पत्थर जोड़कर कान्हा लीजै बनाय

    आपने सुना होगा कण-कण में भगवान बसते हैं बस ईश्वर को खोजने वाली मीरा सी नजर होनी चाहिए। इस हफ्ते कबाड़ से कलाकारी में आपकी इसी नजर की परख हो रही है। तो इस जन्माष्टमी पर बनाएं अनोखे कान्हा आपकी मदद कर रहे हैं गुरप्रीत जो बता रहे हैं कि कैसे सड़क पर पड़े बेजान पत्थरों को इस तरह जोड़कर रखें कि गोपियों...

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