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Kamal Singh Sultana

GUEST

Kamal Singh Sultana

    राजस्थान में ग्रामीण चरवाहे कर रहें गोडावण पक्षी के संरक्षण में मदद
    राजस्थान में ग्रामीण चरवाहे कर रहें गोडावण पक्षी के संरक्षण में मदद

    By Kamal Singh Sultana

    राजस्थान के जैसलमेर में पशुपालक, गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) के संरक्षण के प्रयासों में योगदान दे रहे हैं। गोडावण पक्षी विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए हैं, जिनकी संख्या 150 से भी कम है।

    राजस्थान के जैसलमेर में पशुपालक, गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) के संरक्षण के प्रयासों में योगदान दे रहे हैं। गोडावण पक्षी विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए हैं, जिनकी संख्या 150 से भी कम है।

    Cattle rearers in Rajasthan help conserve critically endangered Great Indian bustard
    Cattle rearers in Rajasthan help conserve critically endangered Great Indian bustard

    By Kamal Singh Sultana

    Guided by wildlife experts, cattle rearers in Rajasthan's Jaisalmer are contributing efforts to conserve the Great Indian bustard — a critically endangered bird species which is on the verge of extinction with less than 150 birds remaining.

    Guided by wildlife experts, cattle rearers in Rajasthan's Jaisalmer are contributing efforts to conserve the Great Indian bustard — a critically endangered bird species which is on the verge of extinction with less than 150 birds remaining.

    देश को सूचना का अधिकार देने वाले राजस्थान से उठ रही जवाबदेही क़ानून की मांग
    देश को सूचना का अधिकार देने वाले राजस्थान से उठ रही जवाबदेही क़ानून की मांग

    By Kamal Singh Sultana

    जवाबदेही यात्रा के दौरान मांग की गई कि, राजस्थान सरकार एक जवाबदेही कानून पारित करे जो नागरिकों के प्रति, सरकारी पदाधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करे, और नागरिकों को उनकी शिकायतों को दर्ज करने, उनकी शिकायतों के निवारण में भाग लेने और समयबद्ध तरीके से उनका निवारण करने का अधिकार दे

    जवाबदेही यात्रा के दौरान मांग की गई कि, राजस्थान सरकार एक जवाबदेही कानून पारित करे जो नागरिकों के प्रति, सरकारी पदाधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करे, और नागरिकों को उनकी शिकायतों को दर्ज करने, उनकी शिकायतों के निवारण में भाग लेने और समयबद्ध तरीके से उनका निवारण करने का अधिकार दे

    राजस्थान: रेगिस्तान का जहाज 'ऊंट' अब रेत के समंदर में डूबने की कगार पर
    राजस्थान: रेगिस्तान का जहाज 'ऊंट' अब रेत के समंदर में डूबने की कगार पर

    By Kamal Singh Sultana

    ऊंटों के अस्तित्व पर लगातार खतरा मंडराता रहा है। जैसलमेर जैसे इलाकों में किसान खुद को ऊंटों से दूर कर रहे हैं। साल 2012 से 2019 के बीच 37 फीसदी से ज्यादा ऊंट कम हुए हैं। चारे, रखरखाव की समस्या, नई नियम कानून, सरकारी उदासीनता ऊंटों की राह में रोड़ा बन रही है।

    ऊंटों के अस्तित्व पर लगातार खतरा मंडराता रहा है। जैसलमेर जैसे इलाकों में किसान खुद को ऊंटों से दूर कर रहे हैं। साल 2012 से 2019 के बीच 37 फीसदी से ज्यादा ऊंट कम हुए हैं। चारे, रखरखाव की समस्या, नई नियम कानून, सरकारी उदासीनता ऊंटों की राह में रोड़ा बन रही है।

    राजस्थान: थार में हाइटेंशन तार कर रहे विदेशी पक्षियों का स्वागत और उपहार में मिल रही मौत
    राजस्थान: थार में हाइटेंशन तार कर रहे विदेशी पक्षियों का स्वागत और उपहार में मिल रही मौत

    By Kamal Singh Sultana

    पश्चिमी राजस्थान में इस बार प्रवासी पक्षी समय से पहले आने लगे हैं। जो रेगिस्थान की इस जमीन के लिए अच्छा संकेत है लेकिन समस्या है, यहां बिछे हाईटेंशन लाइनों से बहुत सारे पक्षी घायल हो रहे हैं उनकी मौत हो रही है। पिछले 20 दिनों में यहां 18 कुरजां प्रवासी पक्षियों की मौत से पर्यावरण प्रेमी चिंतित हैं।

    पश्चिमी राजस्थान में इस बार प्रवासी पक्षी समय से पहले आने लगे हैं। जो रेगिस्थान की इस जमीन के लिए अच्छा संकेत है लेकिन समस्या है, यहां बिछे हाईटेंशन लाइनों से बहुत सारे पक्षी घायल हो रहे हैं उनकी मौत हो रही है। पिछले 20 दिनों में यहां 18 कुरजां प्रवासी पक्षियों की मौत से पर्यावरण प्रेमी चिंतित हैं।

    राजस्थान: ओरण की प्राकृतिक विरासत बचाने के लिए छटपटा रहे जैसलमेर के पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोग
    राजस्थान: ओरण की प्राकृतिक विरासत बचाने के लिए छटपटा रहे जैसलमेर के पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोग

    By Kamal Singh Sultana

    गांवों-मंदिरों के आसपास की वो जमीन जिसे खेती से मुक्त कर दिया गया था, उसे ओरण नाम दिया गया। ये ओरण जैव विविधता की खान हैं। लेकिन राजस्थान में सोलर कंपनियों और पवन चक्कियों के बढ़ते दवाब में ये प्राकृतिक वन कम हो रहे हैं। स्थानीय लोग इन्हें बचाने के लिए ओरण यात्राएं निकाल रहे हैं।

    गांवों-मंदिरों के आसपास की वो जमीन जिसे खेती से मुक्त कर दिया गया था, उसे ओरण नाम दिया गया। ये ओरण जैव विविधता की खान हैं। लेकिन राजस्थान में सोलर कंपनियों और पवन चक्कियों के बढ़ते दवाब में ये प्राकृतिक वन कम हो रहे हैं। स्थानीय लोग इन्हें बचाने के लिए ओरण यात्राएं निकाल रहे हैं।

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