बागवानी से बढ़ानी है कमाई? सरकार इस योजना के तहत दे रही 50% तक सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा

Gaon Connection | May 29, 2026, 15:07 IST
बागवानी करने वालों के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की एक खास योजना आई है। इसके तहत किसानों और उद्यमियों को फल, सब्जी और अन्य फसलों की खेती के लिए 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। यह योजना उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेत से बाजार तक पूरी व्यवस्था को मजबूत करेगी।

अगर आप फलों, सब्जियों या अन्य बागवानी फसलों की व्यावसायिक खेती करना चाहते हैं, तो राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की एक योजना आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। बोर्ड की 'डेवलपमेंट ऑफ कमर्शियल हॉर्टिकल्चर (स्कीम-1)' के तहत किसानों, एफपीओ और कृषि उद्यमियों को बागवानी से जुड़ी एकीकृत परियोजनाओं के लिए 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना का मकसद केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि खेत से बाजार तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है, ताकि किसानों को बेहतर कीमत और अधिक मुनाफा मिल सके।



किन परियोजनाओं को मिलेगा लाभ?

योजना के तहत नए फल बाग, पौधरोपण परियोजनाएं, उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की खेती, पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस जैसी संरक्षित खेती परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा ड्रिप सिंचाई, फर्टिगेशन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर भी सहायता दी जाती है। सरकार फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने पर भी जोर दे रही है। इसी वजह से पैक हाउस, कोल्ड रूम, ग्रेडिंग यूनिट, प्रोसेसिंग और अन्य पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को भी इस योजना में शामिल किया गया है।



कितना मिलेगा अनुदान?

सामान्य क्षेत्रों में स्वीकृत परियोजना लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों, अनुसूचित क्षेत्रों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह सहायता बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लागत के दौर में यह सब्सिडी किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए बड़े निवेश को आसान बना सकती है।



कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

योजना का लाभ केवल व्यक्तिगत किसान ही नहीं, बल्कि किसान उत्पादक संगठन (FPO), सहकारी समितियां, कंपनियां, पार्टनरशिप फर्म, ट्रस्ट, सोसायटी और गैर-सरकारी संगठन भी ले सकते हैं।



क्यों अहम है यह योजना?

भारत में फल और सब्जियों के उत्पादन का बड़ा हिस्सा कटाई के बाद खराब हो जाता है। पर्याप्त भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाएं नहीं होने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। NHB की यह योजना इसी समस्या को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसान आधुनिक बागवानी, संरक्षित खेती और पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाओं में निवेश करते हैं, तो उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता और बाजार मूल्य में भी सुधार हो सकता है।




आय बढ़ाने के साथ बाजार तक पहुंच का मौका

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड का दावा है कि योजना के जरिए किसानों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर गुणवत्ता, कम फसल नुकसान और बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी। इससे बागवानी क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार हो सकेगा।

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