कम लागत में कई गुना मुनाफ़ा, इस फूल की खेती से किसान कमा सकते हैं लाखों रुपये
कम लागत और कम जोखिम में अच्छी कमाई चाहने वाले किसानों के लिए बोगनवेलिया की नर्सरी एक बेहतरीन विकल्प है। यह मजबूत और बहुवर्षीय पौधा कम पानी व देखभाल में तैयार हो जाता है और इसकी मांग शादी, पूजा, होटल, हाईवे व शहरी हरियाली में बनी रहती है। सही योजना और मार्केटिंग से किसान इससे लाखों रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं।
आज के समय में किसान और खेती से जुड़े युवा अब सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे ऐसे विकल्प खोज रहे हैं, जहाँ कम ज़मीन, कम लागत और कम जोखिम में अच्छी आमदनी हो सके। ऐसे में नर्सरी आधारित खेती एक अच्छा और भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आ रही है। नर्सरी में कुछ ऐसे पौधे भी हैं, जिनकी सही योजना और सही मार्केटिंग से किसान अच्छा व्यवसाय खड़ा कर सकते हैं।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केन्द्र-2, कटिया (सीतापुर) डॉ. डीएस श्रीवास्तव बताते हैं कि फूलों की नर्सरी ख़ास तौर पर किसानों के लिए बड़ा अवसर बन सकती है।
नर्सरी: छोटा काम नहीं, बड़ा अवसर
अक्सर लोग नर्सरी को छोटा काम समझते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि फूलों, फलदार पौधों, औषधीय पौधों, वानिकी और सब्ज़ियों की नर्सरी से लगातार आमदनी हो सकती है। आज भले ही खेतों में फूलों की खेती कम हो रही हो, लेकिन फूलों की मांग कभी कम नहीं हुई है। शादी-ब्याह, पूजा-पाठ, होटल, स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ़्तर, सड़क किनारे हरियाली और शहरों की सुंदरता हर जगह फूलों की ज़रूरत बनी रहती है।
फूल जो सुंदरता के साथ रोज़गार भी दें
फूल सिर्फ सजावट के लिए नहीं होते, वे माहौल को खुशहाल बनाते हैं। जहाँ रंग-बिरंगे फूल होते हैं, वहाँ सकारात्मक वातावरण रहता है। ऐसा ही एक फूल है बोगनवेलिया, जो सुंदरता के साथ-साथ कमाई का भी अच्छा ज़रिया बन सकता है।
बोगनवेलिया: कम मेहनत, ज़्यादा फायदा
बोगनवेलिया एक बहुवर्षीय और मजबूत पौधा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे ज़्यादा पानी, खाद या दवा की जरूरत नहीं होती। यह सड़क किनारे, हाईवे, होटल, यूनिवर्सिटी कैंपस और बड़े परिसरों में आसानी से लगाया जाता है। यह पौधा कई रंगों में मिलता है जैसे:-गुलाबी, बैंगनी, सफ़ेद, पीला और नारंगी। यही रंगों की विविधता इसे नर्सरी के लिए खास बनाती है।
बोगनवेलिया की नर्सरी कैसे शुरू करें?
डॉ. श्रीवास्तव बताते हैं कि जो किसान बोगनवेलिया की नर्सरी शुरू करना चाहते हैं, वे शुरुआत में 15 से 20 किस्मों का चयन करें। इसके लिए अच्छे और स्वस्थ मदर प्लांट लेना ज़रूरी होता है। मदर प्लांट से कटिंग के ज़रिये नए पौधे तैयार किए जाते हैं। अगर किसी किसान के पास एक रंग के 1,000 पौधे हैं, तो दो-तीन साल में हर पौधा करीब 100 कटिंग दे सकता है। यानी एक ही रंग के लगभग 1 लाख पौधे तैयार हो सकते हैं।
लागत और कमाई का आसान हिसाब
मदर प्लांट की कीमत आमतौर पर 50 रुपये या उससे ज़्यादा होती है। कटिंग से तैयार पौधे पॉलिथीन बैग में आसानी से लगाए जा सकते हैं और ये जल्दी जम भी जाते हैं अगर एक रंग के 1 लाख पौधे तैयार हों और हर पौधा औसतन 20 रुपये में बिके, तो 20 लाख रुपये तक की बिक्री हो सकती है। अगर पाँच अलग-अलग रंगों के पौधे हों, तो यह कमाई और भी ज़्यादा हो सकती है।
मार्केटिंग से बढ़ेगा मुनाफ़ा
यह ज़रूरी नहीं कि हर किसान को इतना ही मुनाफ़ा मिले, लेकिन सही योजना और अच्छी मार्केटिंग से आमदनी बढ़ाई जा सकती है। हाईवे प्रोजेक्ट, होटल, रियल एस्टेट कंपनियाँ, नगर निगम, स्कूल-कॉलेज और सरकारी विभाग बड़े ग्राहक हो सकते हैं। साथ ही, अलग-अलग राज्यों की मांग को समझकर सही समय पर पौधों की सप्लाई करना फ़ायदेमंद रहता है।
किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प
बोगनवेलिया जैसे मजबूत और बहुवर्षीय पौधे नर्सरी व्यवसाय के लिए बहुत अच्छे हैं। इसमें लागत कम है, जोखिम कम है और उत्पादन बार-बार किया जा सकता है। सही मेहनत और योजना के साथ यह खेती न सिर्फ़ हरियाली बढ़ा सकती है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का मज़बूत साधन भी बन सकती है।
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