kharif 2026: यूनियन कैबिनेट का फैसला, फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों के लिए ₹41,534 करोड़ की सब्सिडी मंजूर
केंद्र सरकार ने बुधवार को आगामी खरीफ 2026 सीजन के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश (पी एंड के) उर्वरकों पर ₹41,534 करोड़ की सब्सिडी को मंजूरी दे दी। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई। यह सब्सिडी दरें 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगी। खरीफ फसलों की बुवाई दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ जून से होती है।
सब्सिडी में ₹4,317 करोड़ की बढ़ोतरी
सूचना एवं प्रसारण मंत्रीअश्विनी वैष्णव ने बताया कि खरीफ 2025 की तुलना में इस बार सब्सिडी में ₹4,317 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है।
उर्वरकों पर नई सब्सिडी दरें
सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए पोषक तत्वों पर सब्सिडी दरें तय की हैं—नाइट्रोजन पर ₹47.32 प्रति किलोग्राम, फॉस्फेट पर ₹52.76 प्रति किलोग्राम, पोटाश पर ₹2.38 प्रति किलोग्राम और सल्फर पर ₹3.16 प्रति किलोग्राम।
नाइट्रोजन, फॉस्फेट और सल्फर पर सब्सिडी दरों में बढ़ोतरी की गई है, जबकि पोटाश की सब्सिडी दर को 2025 के रबी सीजन के समान ही रखा गया है। हाल ही में समाप्त रबी सीजन में नाइट्रोजन पर ₹43.02 प्रति किलोग्राम, फॉस्फेट पर ₹47.96 प्रति किलोग्राम, पोटाश पर ₹2.38 प्रति किलोग्राम और सल्फर पर ₹2.87 प्रति किलोग्राम की दर से सब्सिडी दी गई थी।
NBS योजना के तहत मिलती है सब्सिडी
फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर सब्सिडी पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना (एनबीएस) के तहत दी जाती है, जो अप्रैल 2010 से लागू है। इस योजना के तहत पी एंड के उर्वरकों की 28 श्रेणियों पर सब्सिडी दी जाती है। डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी), म्यूरिएट ऑफ पोटाश (एमओपी) और नाइट्रोजन-फॉस्फेट-पोटाश (एनपीके) जैसे गैर-यूरिया उर्वरकों की खुदरा कीमतें नियंत्रण मुक्त हैं और इन्हें निर्माता कंपनियां तय करती हैं, जबकि केंद्र सरकार हर वर्ष इन पर निश्चित सब्सिडी प्रदान करती है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एनबीएस और यूरिया सब्सिडी योजना के तहत कुल बजटीय आवंटन लगभग ₹1,70,799 करोड़ रखा गया है, जिसमें खरीफ 2026 और रबी 2026-27 दोनों सीजन शामिल हैं।