खरीफ 2026 से पहले राहत! सरकार बोली-देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं, जानें यूरिया और डीएपी का कितना स्टॉक मौजूद?
खरीफ 2026 सीजन को लेकर किसानों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने गुरूवार को जानकारी दी कि देश में उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह स्थिर है और आपूर्ति मांग से अधिक बनी हुई है। बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण और मजबूत लॉजिस्टिक्स के चलते सभी राज्यों में उर्वरकों की सप्लाई सुचारू रूप से सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा सरकार ने बताया कि घरेलू LPG की 100% सप्लाई, कमर्शियल गैस 70% तक बहाल है।
जरूरत के मुकाबले पर्याप्त स्टॉक, कोई कमी नहीं
उर्वरक विभाग की संयुक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा के अनुसार खरीफ 2026 के लिए कुल आवश्यकता 39.054 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) आंकी गई है, जबकि वर्तमान में 19.338 MMT का स्टॉक उपलब्ध है, जो कुल जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत है। यूरिया की उपलब्धता 7.381 MMT और डीएपी 2.347 MMT है, जबकि अन्य उर्वरक भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। साथ ही, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
घरेलू उत्पादन और आयात से बढ़ी उपलब्धता
वैश्विक संकट के बावजूद घरेलू उत्पादन और आयात स्थिर बने हुए हैं, जिससे कुल उपलब्धता में करीब 7.8 MMT की बढ़ोतरी हुई है। इसमें 6.237 MMT घरेलू उत्पादन से और 1.539 MMT आयात से मिला है। सरकार ने वैश्विक टेंडर के जरिए लगभग 3.8 MMT यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित की है, जबकि फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों के लिए करीब 1.9 MMT के टेंडर जारी किए गए हैं।
सरकार की निगरानी जारी
सरकार लगातार उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा कर रही है और जरूरत के अनुसार कदम उठा रही है। अपर्णा एस. शर्मा ने कहा कि कुल मिलाकर उर्वरकों की सप्लाई मजबूत और स्थिर बनी हुई है, जिससे किसानों को खरीफ सीजन में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
घरेलू LPG की 100% सप्लाई, कमर्शियल गैस 70% तक बहाल: सरकार
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह 100 प्रतिशत सुनिश्चित कर दी गई है और किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर गैस की कमी नहीं है। बुकिंग सिस्टम को भी बेहतर तरीके से मैनेज किया गया है, जिससे ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर करीब 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं, डिलीवरी में पारदर्शिता लाने के लिए लागू किए गए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम के जरिए लगभग 93 प्रतिशत सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है। दूसरी ओर, कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई भी करीब 70 प्रतिशत तक बहाल कर दी गई है और तेल विपणन कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति राज्य सरकारों के साथ मिलकर इसकी लगातार निगरानी कर रही है। इस महीने अब तक करीब 1,92,532 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हो चुकी है, जिसमें केवल कल ही लगभग 8,500 मीट्रिक टन की बिक्री दर्ज की गई, जिससे साफ है कि देश में गैस आपूर्ति की स्थिति स्थिर और नियंत्रित बनी हुई है।