अब गांवों में आएगा बड़ा निवेश! छोटे किसानों, SHG और FPO को लेकर सरकार का नया रोडमैप, IFAD संग बनाई ये रणनीति

Gaon Connection | May 20, 2026, 15:18 IST
भारत और IFAD ने ग्रामीण विकास और जलवायु अनुकूल कृषि के लिए साझेदारी मजबूत की है। IFAD ने भारत के लिए आठ वर्षीय रोडमैप तैयार किया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण निवेश बढ़ाना, छोटे किसानों को सशक्त करना और नवाचार को बढ़ावा देना है। मेघालय और असम में परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

भारत और इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट (IFAD) ने सतत ग्रामीण विकास और जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने के लिए अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पांच दिवसीय भारत दौरे पर आए IFAD के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि निवेश, जलवायु लचीलापन और ग्रामीण उद्यमिता को लेकर नई रणनीति पर चर्चा की। IFAD के अनुसार भारत के लिए तैयार की गई नई आठ वर्षीय रोडमैप का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना, छोटे किसानों को मजबूत करना, नवाचार को बढ़ावा देना और जलवायु परिवर्तन से निपटने में सक्षम कृषि प्रणाली विकसित करना है।



छोटे किसानों और ग्रामीण संस्थाओं पर रहेगा जोर

IFAD के कंट्री ऑपरेशंस विभाग के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट डोनल ब्राउन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र की IFAD क्षेत्रीय निदेशक रीहाना रज़ा, भारत के कंट्री डायरेक्टर मार्क डी सूसा-शील्ड्स और भारत कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। बैठकों में किसान उत्पादक संगठनों (FPO), स्वयं सहायता समूहों (SHG) और सहकारी समितियों की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया। योजना के तहत इन संस्थाओं को वित्त, तकनीक, बाजार और बुनियादी ढांचे से जोड़ने की रणनीति तैयार की जा रही है।



दाल, तिलहन और मिलेट्स पर फोकस

कृषि सचिव अतिश चंद्रा के साथ हुई बैठक में दालों और तिलहनों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, छोटे किसानों के लिए कृषि लागत कम करने, डिजिटल कृषि को दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाने और मिलेट्स जैसी जलवायु अनुकूल फसलों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। इसके अलावा ग्रामीण समृद्धि, स्मार्ट विलेज और जलवायु अनुकूल खेती को लेकर भी कई योजनाओं पर विचार किया गया।



मेघालय और असम में परियोजनाओं की समीक्षा

भारत दौरे के दौरान IFAD प्रतिनिधिमंडल ने मेघालय के री-भोई जिले का दौरा भी किया। यहां IFAD समर्थित ‘मेघा-लैम्प’ परियोजना के तहत चल रही सामुदायिक पहलों की समीक्षा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने किसान समूहों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और जमीनी स्तर की संस्थाओं से बातचीत की। डोनल ब्राउन ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से भी मुलाकात की। वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के साथ कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आजीविका बढ़ाने के लिए प्रस्तावित नई परियोजनाओं पर चर्चा हुई।



पूर्वोत्तर क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहा IFAD

रीहाना रज़ा ने कहा कि IFAD पिछले करीब दो दशकों से मेघालय के साथ साझेदारी में काम कर रहा है और छोटे किसानों तथा ग्रामीण समुदायों के लिए दीर्घकालिक निवेश बेहद जरूरी है।



भारत IFAD के सबसे बड़े साझेदार देशों में शामिल

भारत IFAD का संस्थापक सदस्य देश है और पिछले 48 वर्षों से संगठन के साथ साझेदारी में काम कर रहा है। वर्तमान में IFAD देशभर में 35 ग्रामीण विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दे रहा है। इन परियोजनाओं का कुल पोर्टफोलियो करीब 4.2 अरब डॉलर का है, जिससे भारत IFAD के सबसे बड़े वैश्विक साझेदार देशों में शामिल हो गया है।

Tags:
  • IFAD India
  • Climate Resilient Farming
  • Rural Development India
  • Small Farmers
  • FPO India
  • SHG Rural India
  • Sustainable Agriculture
  • Millets Farming
  • Meghalaya Livelihood Project
  • Rural Economy India