पीएम मोदी ने FAO प्रमुख को गिफ्ट किए भारत के ये 5 मशहूर चावल और मिलेट बार, जानिए इनकी खासियतें और कीमतें

Umang | May 21, 2026, 16:10 IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खाद्य सुरक्षा और किसानों के कल्याण में योगदान के लिए एफएओ के सर्वोच्च सम्मान 'एग्रीकोला मेडल' से नवाजा गया। उन्होंने एफएओ प्रमुख को भारत के प्रीमियम चावल और मिलेट बार उपहार में दिए, जो देश की पारंपरिक कृषि विरासत को दर्शाते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों के कल्याण में योगदान के लिए अपने सर्वोच्च सम्मान “एग्रीकोला मेडल” से सम्मानित किया है। रोम स्थित एफएओ मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एफएओ के महानिदेशक QU Dongyu को भारत की पारंपरिक कृषि विरासत से जुड़े खास उपहार भी भेंट किए। इन उपहारों में देश के अलग-अलग राज्यों के प्रीमियम और जीआई टैग वाले चावल के साथ हेल्दी मिलेट बार शामिल हैं। इन उत्पादों के जरिए भारत ने दुनिया को अपनी पारंपरिक खेती, पोषण और जलवायु-अनुकूल कृषि मॉडल की झलक दिखाने की कोशिश की।



पीएम मोदी ने कौन-कौन से खास चावल किए गिफ्ट?

प्रधानमंत्री मोदी ने एफएओ प्रमुख को केरल का रेड राइस (पालक्काडन मट्टा), पश्चिम बंगाल का गोबिंदोभोग, असम का जोहा राइस, उत्तर प्रदेश का कालानमक और भारत का मशहूर बासमती चावल भेंट किया।



पालक्काडन मट्टा राइस

केरल के पालक्काड क्षेत्र में उगाया जाने वाला यह जीआई टैग प्राप्त रेड राइस अपने लाल-भूरे रंग, कम पॉलिश और पोषण गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें फाइबर, मैग्नीशियम और विटामिन बी-6 अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। ऑनलाइन कामर्स प्लेटफॉर्म 'बिग बास्केट' पर इसकी कीमत करीब 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक है।



गोबिंदोभोग राइस

पश्चिम बंगाल का यह प्रीमियम सुगंधित छोटे दानों वाला चावल अपनी खास खुशबू और मुलायम बनावट के लिए प्रसिद्ध है। इसका इस्तेमाल पायेश और खिचड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है। ऑनलाइन कामर्स प्लेटफॉर्म 'बिग बास्केट' पर इसकी कीमत लगभग 120 से 210 रुपये प्रति किलो तक है।



बासमती राइस

भारत का सबसे प्रसिद्ध प्रीमियम चावल, जो अपनी लंबी खुशबूदार दानों और पकने के बाद हल्की फूली बनावट के लिए दुनिया भर में मशहूर है। भारत में प्रीमियम क्वालिटी बासमती की कीमत ब्रांड और एजिंग के हिसाब से 150 से 300 रुपये प्रति किलो या उससे अधिक है।



जोहा राइस

असम की ब्रह्मपुत्र घाटी का यह पारंपरिक सुगंधित चावल छोटे दानों, मीठी खुशबू और मक्खन जैसे स्वाद के लिए पहचाना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं। ऑनलाइन कामर्स प्लेटफॉर्म 'बिग बास्केट' पर इसकी कीमत करीब 300 रुपये प्रति किलो तक है।



काला नमक राइस

उत्तर प्रदेश का जीआई टैग प्राप्त काला नमक चावल “बुद्धा राइस” के नाम से भी प्रसिद्ध है। इसकी काली भूसी, मिट्टी जैसी खुशबू और आयरन-जिंक से भरपूर पोषण इसे खास बनाते हैं। ऑनलाइन कामर्स प्लेटफॉर्म 'बिग बास्केट' पर इसकी कीमत करीब 175 से 370 रुपये प्रति किलो तक है।



हेल्दी मिलेट बार रहा खास आकर्षण

प्रधानमंत्री मोदी ने एफएओ प्रमुख को हेल्दी मिलेट बार भी गिफ्ट किए। महाराष्ट्र के सोलापुर, अहमदनगर और मराठवाड़ा क्षेत्र में ज्वार और बाजरा जैसी मोटे अनाज की खेती बड़े पैमाने पर होती है। कम पानी और कम बारिश वाले इलाकों में उगने वाली ये फसलें जलवायु परिवर्तन के दौर में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इनमें फाइबर, प्रोटीन और जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। मिलेट बार के जरिए भारत ने दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश की कि पारंपरिक मोटे अनाज को आधुनिक हेल्दी स्नैक के रूप में भी अपनाया जा सकता है।



दुनिया के सामने भारत की कृषि विरासत की झलक

विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी द्वारा पारंपरिक चावल और मिलेट आधारित उत्पादों को एफएओ मंच पर प्रस्तुत करना भारत की कृषि विविधता, जीआई टैग उत्पादों और किसानों की पारंपरिक खेती को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।

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